मृतक के चचेरे भाई पूरन ने बताया कि अमरनाथ का स्वभाव काफी शांत था। पिछले 35 वर्षों से वह साधु वेश में ही रह रहे थे। परिवार में उनका कोई अन्य सदस्य नहीं है। पत्नी का देहांत हो चुका है। बच्चे उनके हैं नहीं। दो बहनें शादीशुदा हैं, जिनमें से एक की मृत्यु चुकी है। भाई ने बताया कि ढाई बीघा जमीन से ही वह गुजारा कर रहे थे। जिस मकान में वह रह रहे थे, वह उनकी मौसी के बेटे का है, जिनका परिवार दिल्ली में रहता है। ग्रामीणों ने ब्याज का काम करने की भी जानकारी पुलिस को दी।
हत्या की वजह अभी भी स्पष्ट नहीं
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, अभी तक हत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस गांव के लोगों और मृतक के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। ब्याज के काम से पुलिस जांच की शुरूआत हुई है। इसी एंगल से आगे बढ़ते हुए पुलिस छानबीन कर रही है। इसके अतिरिक्त और कोई कारण पुलिस की नजर में नहीं आया है।
मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में उनके संपर्क में आए लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना को अंजाम देने वालों तक पुलिस पहुंच जाएगी।-रामानंद कुशवाहा, एएसपी