बकरीद पर नमाज और गले मिल मुबारकबाद देते बच्चे
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हाथरस जिलेभर में 28 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार खुलूस और अकीदत के माहौल में मनाया गया। शहर के मुरसान गेट स्थित ईदगाह और अन्य मस्जिदों में हजारों अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर परवरदिगार से मुल्क और कौम की तरक्की दुआ मांगी। खुदा के सजदे में झुके हजारों सिर जैसे ही आसमान की तरफ उठे तो पूरा माहौल अल्लाह-हू-अकबर की आवाजों से गूंज उठा।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी। सभी जगह सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। शहर के मुरसान गेट स्थित ईदगाह पर सुबह करीब सवा सात बजे नमाज अदा की गई। नमाज मौलाना मोहम्मद इकबाल साहब ने अदा कराई। पूरा ईदगाह परिसर नमाजियों की भीड़ से पटा रहा। व्यवस्थाओं को संभालने के लिए मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के दोनों सदर राहत अहमद कुरैशी एवं इरफान कुरैशी, डॉ. इस अहमद अब्बासी, कुर्बान अली शहजादा, मुश्ताक अहमद कुरैशी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
ऑल इंडिया अब्बासी महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रईस अहमद अब्बासी ने ईद-उल-अजहा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुर्बानी केवल जानवर की नहीं, बल्कि इंसान के भीतर मौजूद गुस्सा, अहंकार और बुरी आदतों को त्यागने का भी संदेश देती है। शहर की अन्य मस्जिदों के अलावा देहात क्षेत्र की ईदगाह और मस्जिदों में भी शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा की गई। इसके बाद लोगों ने अपने घरों और निर्धारित स्थानों पर कुर्बानी की रस्म पूरी की।
नमाज के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा और लगातार गश्त की गई। इस दौरान बबलू कुरैशी, शाहिद कुरैशी, कमर अहमद कुरैशी, मोहन खान, सोबी कुरैशी, हाजी यूसुफ पहलवान, सुलेमान खान एडवोकेट, मुबीन खान, नाजुक कुरैशी, चुन्ना कुरैशी आदि मौजूद थे।