सीएचसी में गंदगी पर बिफरे डीएम, लगाई फटकार
अचानक सहपऊ के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे डीएम, मची खलबली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
सहपऊ। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। डीएम के पहुंचने पर वहां का स्टाफ इधर से उधर दौड़ता नजर आया। आनन-फानन चिकित्सकों और कर्मियों ने यूनिफॉर्म पहनी। डीएम के आने के कुछ मिनटों बाद ही सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर भी सीएचसी पहुंच गए। सीएचसी प्रभारी अध्यापकों एवं एएनएम को एक दिन का कृमि प्रशिक्षण दे रहे थे। डीएम ने सबसे पहले इमरजेंसी में जाकर देखा तो वहां पर कार्टन में ग्लूकोज की बोतलें भरी हुई थीं। सीएचसी के डस्टबिन में कचरा भरा हुआ था। शौचालय और खून जांच लैब भी पूरी तरह साफ नहीं थी। सीएचसी पर इतनी गंदगी देखकर डीएम का पारा चढ़ गया।
बाहर चारों ओर बड़ी-बड़ी घास खड़ी देखकर उसे सात दिन के अंदर साफ करने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना के तहत महिला को बच्चा पैदा होने के बाद सरकार से मिलनी वाली धनराशि का भुगतान भी समय से नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। डीएम ने बताया कि जुलाई और अगस्त माह का भुगतान अभी तक 50 प्रतिशत ही हुआ है। उसे शीघ्र कराने का आदेश दिया। डीएम ने सीएचसी का उपस्थिति रजिस्टर मंगवाकर सभी की उपस्थिति की जांच की तो दो संविदा कर्मी एवं दो स्थायी कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मरीजों को मिलने वाली दवाई की किसी से शिकायत नहीं मिलने पर संतोष जाहिर किया।
डीएम सीएचसी की दीवारों पर आई सीलन को भी दूर करने के निर्देश दिए। सीएचसी परिसर में सीएचसी के पड़ोस में रहने वाले के पशु बांधे देखकर डीएम ने उनको वहां से हटाने के निर्देश देते हुए आगे कभी भी उसके द्वारा सीएचसी परिसर पशु बांधने पर एसडीएम ज्योत्स्ना बंधु का उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने उसी समय जाकर उन पशुओं को वहां से खुलवा दिया। उन्हें फिर से नहीं बांधने की चेतावनी दी गई। सीएमओ के जाने के बाद सीएचसी स्टाफ की जान में जान आई।