मंदिर से मां बच्चों के साथ पैदल लौट रहीं थीं। घर से कुछ कदम पहले ही पीछे से आ रहे डंपर ने उन्हें व उनके बेटे उदय को रौंद दिया। हादसे में बड़ी बेटी व सबसे छोटा चार वर्षीय बेटा बाल-बाल बचे।
हाथरस के इगलास रोड स्थित गांव नगला हेमा पर 23 नवंबर की सुबह एक डंपर ने शिक्षामित्र मां और उसके बेटे को रौंद दिया। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई। ग्रामीणों के डर से चालक मौके से भाग गया। लहूलुहान हालत में दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस खबर से परिवार में रोना बिलखना शुरू हो गया। महिला के पति व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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इगलास रोड स्थित गांव नगला गोपाल निवासी त्रिभुवन पिछले छह महीने से इसी रोड पर स्थित गांव नगला हेमा पर रह रहे हैं। यहीं पर उनका बेकरी का काम है। पत्नी ललतेश (40) शिक्षामित्र हैं। 23 नवंबर की सुबह ललतेश अपने तीनों बच्चों के साथ गांव में ही मंदिर पर गई थीं। ललतेश का घर व मंदिर दोनों ही सड़क के किनारे हैं। मंदिर से वे बच्चों के साथ पैदल लौट रहीं थीं। घर से कुछ कदम पहले ही पीछे से आ रहे डंपर ने उन्हें व उनके बेटे उदय (14) को रौंद दिया। हादसे में बड़ी बेटी व सबसे छोटा चार वर्षीय बेटा बाल-बाल बचे।
डंपर दोनों को कुचलता हुआ सड़क की पटरी से नीचे उतर गया। इधर, मां और बेटा सड़क पर पड़े थे। यह देख बड़ी बेटी बदहवास हो गई। चीख सुनकर घर व आसपास मौजूद लोग दौड़ पड़े। निजी वाहन से उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। त्रिभुवन ने डंपर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि डंपर को कब्जे में ले लिया गया है। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। चालक को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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डंपरों के आवागमन से ग्रामीण परेशान
इगलास रोड पर हर वक्त डंपरों का आवागमन रहता है। दरअसल, गांव टुकसान के पास इगलास रोड को क्रास करता हुआ मथुरा-बरेली हाईवे गुजर रहा है। पहले इस हाईवे के निर्माण के चलते यहां से डंपर गुजरते थे। अब एक बड़ी कॉलोनी बन रही है और आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर काम शुरू हो गया। इस कारण दिन-रात डंपर चलते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आड़ में खनन भी हो रहा है। इन वाहनों के कारण आए दिन सड़क के किनारे के गांवों के लोगों को खतरा बना रहता है।