एसडीएम धर्मेंद्र सिंह चौहान, कोतवाल अरविंद कुमार राठी मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए और शवों को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। शिवम और करन की शिनाख्त तो मौके पर ही हो गई, लेकिन अच्छन की शिनाख्त अस्पताल में हो पाई। जैसे ही मौत की खबर मृतकों के परिजनों को मिली, वैसे ही सीएचसी में बड़ी भारी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। महिलाएं विलाप करने लगीं। दुर्घटना के बाद डंपर एटा की तरफ भाग गया।
तीन मौतों से सीएचसी पर मचा कोहराम
26 दिसंबर की शाम को एटा रोड पर हुई दुर्घटना में नगर निवासी तीन लोगों की मौत से सीएचसी पर कोहराम मच गया। तीनों मृतकों के परिजनों का करुण-क्रंदन गूंज रहा था। तीनों ही शादीशुदा थे। अच्छन के छह बच्चे हैं। इनमें से बड़े बेटे की शादी हो चुकी है। वह मजदूरी करके परिवार का लालन-पालन करते थे। एक टूटे-फूटे मकान में छप्पर डालकर उनका परिवार रह रहा था। उनकी मौत से उनके बच्चे बेसहारा हो गए हैं। मोहल्ला गौसगंज निवासी शिवम पुत्र रामपाल के एक बेटा और एक बेटी है। वह भी मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता था। करन पुत्र मोहर सिंह पहले बिजली विभाग में काम काम करता था। वहां से काम छूटने पर वह मधुसूदन डेयरी में मजदूरी करने जाता था। संवाद
इसी जगह पर सत्संग हादसे में हुई थीं 121 मौतें
इस वर्ष जुलाई माह में इसी गांव फुलरई मुगलगढ़ी के निकट साकार हरि के सत्संग में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद घटनास्थल के आसपास चार किमी के दायरे में दुर्घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हो चुके हैं। कुछ दिन पूर्व घटनास्थल से तीन किमी दूर कासगंज रोड स्थित ऊपरगामी पुल पर ट्रैक्टर और ट्रक की भिड़ंत में मैनपुरी के दो किसानों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए थे। यहां से कुछ किमी दूर कासगंज रोड पर भी दुर्घटनाओं में चार लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही सत्संग हादसे में मरने वालों की आत्मा की शांति के लिए हवन कराया जाएगा।