मेडिकल स्टोर संचालकों को लाइसेंस का नवीनीकरण कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पोर्टल पर नवीनीकरण की प्रक्रिया जटिल होने से उन्हें दिक्कत हो रही है। मेडिकल स्टोर संचालक इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगा रहे हैं।
मेडिकल स्टोर के लाइसेंस की अवधि पांच वर्ष होती है। औषधि पोर्टल पर हर पांच साल बाद मेडिकल स्टोर संचालकों को अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होता है। इसके लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि नई व्यवस्था के अनुसार पोर्टल पर आवेदन करने के बाद विभाग से अनुमोदन लेना पड़ता है। इसके बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण होता है। इससे यह प्रक्रिया जटिल हो गई है।
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मेडिकल स्टोर के लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए शुल्क जमा करने से पहले विभाग से अनुमोदन लेना पड़ रहा है। इससे इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार बढ़ावा मिलता है।
- दाऊदयाल शर्मा, जिलाध्यक्ष केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।
पोर्टल की प्रक्रिया आसान थी। अब प्रक्रिया जटिल हो गई है। इससे नए लाइसेंस बनवाने में और पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने में परेशानी हो रही है।
- यतेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।
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वर्जन-
नई प्रक्रिया के तहत लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन करने से पहले विभाग का एप्रूवल लेना होता है। प्रक्रिया पहले की तुलना में जटिल हो गई है। एसोसिएशन इसको लेकर आवाज उठा रही है। संभवत: जल्द ही प्रक्रिया सरल होने की संभावना है।
- राजकुमार शर्मा, औषधि निरीक्षक, हाथरस।