भारत-पाक तनाव के बीच कोतवाली क्षेत्र में बहुचर्चित बिटिया के गांव में बुधवार की शाम करीब चार बजे ड्रोन उड़ते देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। यह ड्रोन डाॅक्यूमेंट्री की शूटिंग करने वालों ने उड़ाए थे। गांव में तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने आपत्ति जताई तो शूटिंग करने वालों ने ड्रोन उड़ाने बंद कर दिए।
पाकिस्तान से तनाव के बीच पूरे देश में इन-दिनों सुरक्षा इंतजामों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। बावजूद इसके गांव बूलगढ़ी में बिना किसी अनुमति के डॉक्यूमेंट्री शूट करने वालों ने ड्रोन कैमरे उड़ाए। यह लोग बिटिया पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे हैं।
सवाल यह उठता है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) लगी हुई है। इसके बावजूद एक साथ बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पर आए और उसके बाद इन लोगों ने गांव में ड्रोन कैमरे उड़ाना शुरू कर दिया।
पुलिस का कहना है की परिवार की सुरक्षा में सीआरपीएफ लगी हुई है। सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ वालों की है, फिर भी मामले की जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बताते हैं कि डॉक्यूमेंट्री को शूट करने कुछ लोग मुंबई तो कुछ लोग दक्षिण भारत से यहां पहुंचे हैं। सीओ हिमांशु माथुर का कहना है कि कुछ लोग डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिए आए थे। गांव में ड्रोन उड़ने की जानकारी मुझे नहीं है।