सादाबाद क्षेत्र में करीब 12 हजार की आबादी प्रभावित
सादाबाद क्षेत्र के गांव धाधऊ, नगला चक्की, नगला मुनीम, नगला सेवा, सुल्तानपुर और चौबारा में वर्ष 1985 में बनी पानी की टंकी अब केवल दिखावटी बनकर रह गई है। वर्षों से बंद पड़ी इस टंकी से अब जलापूर्ति नहीं हो रही है, जबकि इन गांव की आबादी करीब 12 हजार है।
सहपऊ के तीन गांवों में भी नहीं मिल रहा पानी
सहपऊ क्षेत्र के गांव दौहई, नगला बैनी और नगला महासुख में भी पानी की टंकियां लंबे समय से बंद पड़ी थीं। इन्हें तोड़ भी दिया गया है, लेकिन नई टंकी बनाने की पहल नहीं की गई है। यहां के करीब चार हजार ग्रामीणों को भी पेयजल के लिए हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
सासनी में भी पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीण
सासनी क्षेत्र के गांव छौंड़ा, गढ़ौआ व मोहरिया में भी टंकियां वर्षों से बंद हैं। यहां के ग्रामीणों को पेयजल के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है। हालत यह हैं कि यहां के करीब छह हजार ग्रामीणों को पेयजल का खुद ही प्रबंध करना पड़ रहा है। यहां के लोगों ने अब टंकी के पानी की आस ही छोड़ दी है।