क्षेत्र के गांव कानऊ में नाला ओवरफ्लो होने से किसानों की 500 बीघा धान की फसल नष्ट होने के 10 दिन बाद भी इस नाले की सफाई नहीं कराई गई है।सोमवार को सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता (एई) रज्जनलाल ने मौके का निरीक्षण किया। उनके सामने किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि नाले की सफाई करा दी गई होती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।
किसानों का गुस्सा देखकर सहायक अभियंता ने विभागीय ठेकेदार से कहकर सफाई कार्य कराने के लिए कह दिया। मौके पर दो कर्मी भी लगा दिए गए, लेकिन किसानों का कहना था कि इसकी सफाई दो लोगों के वश की बात नहीं है। एई ने किसानों को बताया कि चार माह पूर्व इस नाले की सफाई कराई गई थी, लेकिन किसानों का कहना था कि अगर सफाई कराई गई होती तो नाले का पानी आगे बहकर पटना पक्षी विहार के जलाशय में पहुंच जाता।
एई रज्जनलाल का कहना है कि यह जल प्लावन सिंचाई विभाग के नाले से नहीं हुआ है, बल्कि गांव के तालाब से निकलने वाले नाले से हुआ है। उसकी सफाई की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की है। प्रधान ने भी दो कर्मचारी नाले की सफाई बुलाकर सफाई शुरू करा दी। गांव केशोपुर से कुछ और कर्मचारी बुलाए गए, लेकिन उन्होंने काम करने से मना कर दिया।