सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी। सीएचसी पर 158 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाई गई। इनमें से 145 को कुत्तों ने काटा था, जबकि 10 मरीज बंदर और तीन बिल्ली के शिकार थे।
दिन भर में यहां कुल 451 मरीज पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा मरीज कुत्तों के काटने के थे। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर पंकज कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में कुत्तों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, क्योंकि इस समय वे भोजन की तलाश में इधर-उधर ज्यादा घूमते हैं और आक्रामक हो जाते हैं। इसी कारण कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
उन्होंने कहा कि कुत्ते के काटने की स्थिति में लोग घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। इसके बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं। इस मौके पर फार्मासिस्ट शैलेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।