निराश्रित कुत्तों का हमला लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुल 112 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने पहुंचे। इनमें से 108 को कुत्ते ने काटा था, जबकि चार लोगों पर बंदरों ने हमला किया।
पीड़ितों ने बताया कि गांव और नगरीय इलाकों में घूम रहे निराश्रित कुत्तों के झुंड रास्ता चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। बच्चों का तो घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। बुजुर्ग भी सुबह-शाम को घरों के बाहर नहीं टहल पा रहे। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर पंकज कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में कुत्तों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, क्योंकि इस समय भोजन की तलाश में वे ज्यादा इधर-उधर घूमते हैं और आक्रामक हो जाते हैं। इस कारण कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
उन्होंने कहा कि कुत्ते के काटने की स्थिति में लोग घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। इसके बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं।