जीएनएम छात्रा को डॉक्टर ने नौकरी दी। आरोप हैं कि डॉक्टर उससे शादी करने को तैयार था, शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध स्थापित कर लिए। दोनों छह माह से लिव इन रिलेशनशिप में एक ही छत के नीचे रह रहे थे। डॉक्टर ने दिसंबर 2024 में शालू से शादी करने का आश्वासन दिया था।
सादाबाद कस्बे के मोहल्ला कैथवाला निवासी धर्मपाल सिंह ने न्यायालय के आदेश पर सादाबाद कोतवाली में रामकिशन हॉस्पिटल कालिंदी बिहार न्यू आगरा निवासी डॉ. अभिषेक चौहान के खिलाफ बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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इस रिपोर्ट में बताया गया है कि उसकी 23 वर्षीय बेटी शालू श्रीराम स्कूल ऑफ नर्सिंग हाथरस से जीएनएम (जनरल नर्सिंग एवं मिडवाइफ) का कोर्स कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात नामजद डॉक्टर से हुई, जो कालिंदी बिहार आगरा में अस्पताल संचालित करता है। उसने पुत्री को 10 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर नौकरी दी। पुत्री आगरा में किराए का कमरा लेकर रहती थी। दिन में पढ़ती थी और रात में नर्स के रूप में ड्यूटी देती थी।
उक्त डॉक्टर उससे शादी करने को तैयार था, शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध स्थापित कर लिए। दोनों छह माह से लिव इन रिलेशनशिप में एक ही छत के नीचे रह रहे थे। डॉक्टर ने दिसंबर 2024 में शालू से शादी करने का आश्वासन दिया था। छह सितंबर को दोपहर तीन बजे जब उसकी बेटी आगरा से आई तो उसकी तबीयत खराब थी। वह उसे लेकर आगरा गए, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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जब पुत्री का फोन चेक किया गया तो पता चला कि उक्त नामजद डॉक्टर ने उसकी पुत्री को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया है। शालू ने मृत्यु से एक हफ्ते पहले उन्हें बताया था कि अब डॉक्टर उससे शादी करने से इन्कार कर रहा है, जबकि उसने उसका शारीरिक व मानसिक शोषण किया है।