जिला स्तरीय टीबी अस्पताल केवल एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। वह चिकित्सक भी सीएचसी से अटैच हैं। शुक्रवार को चिकित्सक के अवकाश पर रहने के कारण फार्मासिस्ट ने ओपीडी में मरीज देखे। जिला अस्पताल में भी मरीजों के अत्यधिक दबाव के चलते यहां से भी किसी चिकित्सक को नहीं भेजा जा सका। टीबी अस्पताल में शुक्रवार को 164 मरीजों का परीक्षण किया गया।
टीबी अस्पताल में सीधे किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। सीएमओ के अधीन कुरसंडा सीएचसी पर तैनात चिकित्सक को यहां अटैच किया गया है। इस अस्पताल को कोई स्वतंत्र सीएमएस नहीं मिला है। जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश को इसका अतिरिक्त प्रभार दिया गया। यहां न तो चेस्ट फिजीशियन तैनात हैं और न ही एक भी नर्स, जबकि तीन शिफ्ट में स्टाफ होना चाहिए, जिससे मरीजों को भर्ती किया जा सके।
होली के बाद शुक्रवार को टीबी अस्पताल में अधिक भीड़ रही। सुबह से ही यहां कफ व खांसी से परेशान मरीजों की कतार लगी रही। यहां ओपीडी में तैनात डाॅ. विजय आनंद बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम ड्यूटी के कारण शुक्रवार को अवकाश पर रहे। इस कारण सुबह आठ बजे से फार्मासिस्ट को ही ओपीडी की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। दोपहर दो बजे तक लगभग 164 मरीजों का परीक्षण किया गया। बीमारी सुनकर केवल इन्हें दवा देकर अस्पताल से भेजा गया।
जिला अस्पताल में ढाई हजार तक पहुंची ओपीडी
सिर्फ टीबी अस्पताल ही नहीं, जिला अस्पताल में भी शुक्रवार को मरीजों का भारी दबाव देखा जा रहा है। बृहस्पतिवार के चलते जो लोग अस्पताल नहीं पहुंचे थे, वे शुक्रवार को परामर्श लेने पहुंचे। इस कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या ढाई हजार तक पहुंच गई। यहां फिजिशियन डाॅ. अवधेश कुमार व डाॅ. वरुण चौधरी के कक्ष पर दोपहर दो बजे तक लाइन लगी रही।
डाॅ. अवधेश कुमार ने बताया कि सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। वायरल से पीड़ित 614 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। इनमें से 123 की खून की जांच कराई गई। मौसम में बदलाव के कारण इन बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। इसके साथ ही त्योहार के चलते पेट रोगियों की भी संख्या बढ़ी है।
टीबी अस्पताल में काफी समय से स्टाफ कमी है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल पर भी मरीजों को दबाव रहा। होली को देखते हुए जिला अस्पताल में दवाओं व जांच की पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं, इसलिए मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस