दूसरे के लिए समस्या उत्पन्न न करें, खुद को नहीं होगी : आईजी
जिले के पुलिस नोडल अधिकारी आईजी नवीन अरोरा ने कोतवाली हाथरस गेट का किया निरीक्षण
कोतवाली सदर के मोहल्ला लाला का नगला में चौपाल लगाकर व भ्रमण कर लोगों से हुए रूबरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। दूसरे के लिए समस्या उत्पन्न न करें तो खुद के लिए समस्या पैदा नहीं होगी। यह बात जिले के पुलिस नोडल अधिकारी आईजी नवीन अरोरा ने लाला नगला में चौपाल के दौरान कहीं। यहां पर उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और फिर मोहल्ले का भ्रमण भी किया। इससे पहले आईजी ने पीडब्ल्यूडी में एससपी, एएसपी के साथ बैठक की और फिर कोतवाली हाथरस गेट का निरीक्षण किया।
सोमवार की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे पुलिस महा निरीक्षक (आईजी), पुलिस नोडल अधिकारी नवीन अरोरा पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां पर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और जनपद काननू व्यवस्था का जायजा लिया। यहां के बाद आईजी कोतवाली हाथरस गेट पहुंचे। यहां पर सारी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद कुछ आवश्यक निर्देश दिए। यहां पर कई चौकीदारों से उनके गांव व इलाके के बारे में जानकारी ली। जिस पर एक चौकीदार कुछ भी नहीं बता पाए। इसके बाद कोतवाली सदर क्षेत्र के मोहल्ला लाला का नगला में चौकी के पास आईजी ने चौपाल लगाई।
यहां पर मौजूद लोगों से रूबरू होते हुए आईजी ने अन्य विभागों की समस्याओं को भी सुना और उनका निदान शासन स्तर से कराए जाने का आश्वासन दिया। यहां के निवासी मुन्ने खां ने बिजली विभाग की मनमानी की समस्या रखी। कांशीराम कॉलोनी की पूनम पत्नी अंकित ने मारपीट के मामले में सुनवाई न होने की बात कही। इस दौरान किंदौली में महिला की पति द्वारा नाक काटे जाने के मामले में एक ही व्यक्ति की गिरफ्तारी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई।
चौपाल के दौरान लोगों से बातचीत के बाद आईजी ने लाला का नगला, जागेश्वर आदि इलाकों को भ्रमण कर पुलिसिंग की जानकारी लोगों से ली। उनके साथ एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा, एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ रामशब्द यादव, कोतवाल प्रवेश राणा, राजेश यादव आदि मौजूद थे।
महिला थाने में मामलों को उलझाने की शिकायत
चौपाल के दौरान लोगों की तरफ से अधिवक्ता कपिल मोहन गौड़ ने आईजी से महिला थाने की बदहाल व्यवस्थाओं की शिकायत की। जिसमें उन्हें बताया गया कि यहां पर लोगों की सुनवाई नहीं होती, महिला संबंधी मामलों को संबंधित थानों को ही भेज दिया जाता है। जिस पर आईजी ने अगले माह महिला थाने का भ्रमण करने की बात कही और कहा कि हर महीने एक थाने का निरीक्षण किया जाएगा।