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वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों ने किया निराश

Sat, 11 Feb 2017 11:40 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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मतदाता सूची - फोटो : अमर उजाला
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प्रशासन की लाख कोशिशों और अभियान चलाने के बावजूद साफ-सुथरी और निर्विवादित वोटर लिस्ट तैयार नहीं हो सकी। जिले में लगभग सभी जगहों पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की शिकायतें आईं। कहीं थोक के भाव वोटर्स के नाम सूचियों से गायब थे तो कहीं परिवार के सदस्यों के आधे-अधूरे नाम थे। नाम, पते, उम्र, लिंग और बल्दियत की त्रुटियों की शिकायतों की भी भरमार रही। कई मतदाता ऐसे थे, जिनके पास वोटर आईकार्ड थे, लेकिन लिस्ट में नाम नहीं होने से वह मतदान नहीं कर सके। 
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ऐसे भी मतदाता थे जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान किया था, लेकिन इस बार की वोटर लिस्ट से उनके नाम गायब हो गए। मतदान से वंचित रहे लोगों में क्षेत्रीय बीएलओ के प्रति भारी रोष देखा गया। इसी तरह कांशीराम कॉलोनी में पिछले चुनाव में 5,032 वोटर्स के नाम थे, लेकिन इस बार सिर्फ इनकी संख्या 3,494 ही रह गई। एक साथ दो हजार से ज्यादा वोटर्स के नाम गायब कर दिए गए, जिसकी शिकायत वोटर्स ने एसडीएम और अन्य अधिकारियों से भी की। कांशीराम टाउनशिप में विजय सिंह नाम के वोटर को मृत दिखा दिया गया। प्राइमरी स्कूल लाल डिग्गी में भी 200 से ज्यादा वोटर्स के नाम नहीं थे। सेठ हरचरणदास कन्या इंटर कॉलेज बूथ पर भी एक मतदाता को लिस्ट में  मृत दिखाया गया था, जिससे वह वोट नहीं डाल सके। 

इसी तरह परसारा प्राइमरी स्कूल के बूथ पर प्रधानी के चुनाव में कुल 6,400 मतदाता थे, लेकिन इस बार इनकी संख्या 5,600 ही रह गई। मतलब 1,800 वोटर्स के नाम गायब थे। पुराकलां के बूथ पर 1,700 वोटर्स के नाम प्रधानी के चुनाव में थे, लेकिन इस बार इनकी संख्या सिर्फ 1,300 रह गई। 400 वोटर्स के नाम बिना किसी कारण के कट गए। यहां कई मतदाताओं के फोटो भी गलत थे। नाम, पते और बल्दियत की भी गलतियां थीं। प्राइमरी स्कूल लाखनूं में भी पिछली बार 850 मतदाता थे, लेकिन इस बार इनकी संख्या 740 रह गई। 
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110 मतदाता कम रहे। जूनियर हाईस्कूल लाखनूं और लाड़पुर के मतदान केंद्रों पर भी इसी तरह की शिकायतें आईं। सिकंदराराऊ में भुर्रका, शीतलवाड़ा, नगला डांडा और लिहा आलमपुर, सहपऊ में सहपऊ, बटपुरा, तामसी, शिखरा, धाधऊ, मानिकपुर, दोहई, बाबली, रसगवां, चिंता गढ़ी, कुकरगवां में भी वोटर लिस्ट  में गड़बड़ी की शिकायतें रहीं। सादाबाद के भी कई बूथों पर यही हाल रहा। कुछ मतदाता अपने वोटर कार्ड, आधार कार्ड लेकर मतदाता स्थल तक तो पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें निराशा ही हाथ लगी और बिना वोट डाले मायूस होकर वह घर को लौट आए। 

वोट न डाल सकने पर लोगों ने जताया आक्रोश
पिछले विधानसभा चुनाव में परिवार के साथ वोट डालने गई थी, लेकिन इस बार मतदान पर्ची ही नहीं आई। मतदेय स्थल पर बीएलओ से सूची दिखवाई उसमें नाम नहीं था। इस बार वोट नहीं डाल पाई। 
- रजनी देवी, मोहन गंज 
 वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड लेकर मतदेय स्थल तक गए और मतदान के संबंध में जानकारी की। मालूम हुआ कि सूची से ही नाम गायब है। इस पर मुझे बीएलओ पर बहुत गुस्सा आई।
- बंटी अग्रवाल, गली भुर्जियान 
जिला प्रशासन ने मतदान बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया लेकिन जिनके नाम वोटर लिस्ट से गायब हुए उनके लिए कुछ नहीं किया। मतदेय स्थल से बिना वोट डाला लौटना पड़ा। 
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- कमल वार्ष्णेय, चौबे वाली गली 
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