आरओ के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते किसान।
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सहकारी समितियों के निर्वाचन प्रक्रिया में सोमवार को नामांकन पत्रों पर आपत्तियां ली गईं। इसके बाद विधिवत रूप से निर्वाचन अधिकारियों ने आपत्तियों का निस्तारण कर दिया। इस दौरान चुनाव अधिकारियों ने 23 पर्चो को मानक के प्रतिकूल पाए जाने पर खारिज कर दिया। सहकारी समिति हाथरस जंक्शन पर आपत्ति करने वाले और आरओ के बीच नोकझोंक हुई, जिससे वहां अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हंगामे को शांत करा दिया।
एआर को-ऑपरेटिव अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत सहकारी समितियों का वह सदस्य, जिसका हिस्सा 100 रुपये समिति मेें जमा है। वह समिति का डिफॉल्टर न हो और उसने 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो, वह किसान सदस्य एवं समिति की प्रबंध समिति के सदस्य पद के लिए उम्मीदवार हो सकता है। सहकारी समिति हाथरस जंक्शन पर तीन समिति के सदस्य पद के उम्मीदवारों के खिलाफ आपत्तियां दाखिल की गईं।
इनमें मांग की गई कि इन तीन प्रत्याशियों का हिस्सा एक हजार रुपये से कम होने के कारण इनको अवैध घोषित किए जाए, लेकिन निर्वाचन अधिकारी सुधीर राठी ने नियमों के आलोक में उनकी आपत्ति को गैर वाजिब माना। उन्होंने इनमें से किसी भी नामांकन पत्र को खारिज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने निर्धारित समय शाम चार बजे के बाद विधिवत रूप से वैध प्रत्याशियों की सूची समिति के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करा दी, लेकिन आपत्ति करने वालों का आरोप था कि उनकी आपत्ति का नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया है। इसे लेकर उन्होंने एआरओ से कहासुनी भी की।
वहां काफी हंगामा हुआ। यह सदस्य समिति कार्यालय पर धरना देकर भी बैठ गए। सूचना पर पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने इन लोगों को समझा-बुझाकर वहां से हटा दिया। तब जाकर हंगामा शांत हो सका।