प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रभाव वाले इलाकों के बूथों का आंकड़ा निकालना शुरू कर दिया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मतदान के प्रतिशत में आए अंतर को आधार बनाकर जीत-हार की संभावनाओं को परखा जा रहा है।
हाथरस में शिक्षक व स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान के बाद अब प्रत्याशियों को मतगणना का बेसब्री से इंतजार है। वोट प्रतिशत और बूथ अध्यक्षों की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशी हार-जीत का गुणा-भाग लगाने में जुटे हैं।
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जिले में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 62.16 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 46.98 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। शुक्रवार शाम को मतदान समाप्त होने के बाद से ही प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों में गहमागहमी बढ़ गई है। पार्टी प्रतिनिधि और प्रत्याशी अपने-अपने बूथ अध्यक्षों से संपर्क कर पोलिंग प्रतिशत की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
बूथ अध्यक्षों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि किस बूथ पर कितने मतदाताओं ने वोट डाला, पार्टी समर्थित मतदाताओं की उपस्थिति कितनी रही और साइलेंट वोटरों का रुझान किस तरफ रहा। हालांकि अभी तक कोई भी प्रत्याशी यह तय करने की स्थिति में नहीं है कि मतगणना में किसकी किस्मत खुलेगी।
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जातीय समीकरण और रुझानों का विश्लेषण
प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रभाव वाले इलाकों के बूथों का आंकड़ा निकालना शुरू कर दिया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मतदान के प्रतिशत में आए अंतर को आधार बनाकर जीत-हार की संभावनाओं को परखा जा रहा है। शिक्षक वर्ग में हुए बेहतर मतदान (62.16%) को देखते हुए जहां शिक्षक संघों से जुड़े प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं स्नातक क्षेत्र के 46.98% मतदान ने दलीय प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।