हाथरस। माध्यमिक शिक्षा परिषद की यूपी बोर्ड परीक्षा में परिषद के मानकों की खूब अनदेखी की गई है। हालात यह हैं माफिया को खुश करने के लिए परिषद द्वारा डिबार किए गए 58 प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को केंद्र व्यवस्थापक का जिम्मा दे दिया गया है। हालांकि विभागीय अधिकारी ऐसा करने से इंकार कर रहे हैं, जबकि डिबार किए गए इन प्रधानाचार्य और शिक्षकों की सूची परिषद की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। विभाग में चर्चा है कि इसके बावजूद ऐसे प्रधानाचार्य और शिक्षकों को केंद्र व्यवस्थापक का जिम्मा दिया गया है।बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले परिषद द्वारा अनेक नियम-कानूनों का हवाला देकर बोर्ड परीक्षा को पारदर्शिता से कराने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन असलियत में ऐसा हो नहीं रहा। जिस तरह विभाग में 58 ऐसे प्रधानाचार्य और प्रवक्ताओं को केंद्र व्यवस्थापक बनाने की बात चर्चा है। सूत्र बताते हैं कि परीक्षा से पूर्व ही परिषद ने 58 ऐसे प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ताओं की सूची जिला परीक्षा समिति को भेजकर आदेश दिए थे कि इन दागी प्रधानाचार्य और प्रवक्ताओं से परीक्षा का काम नहीं लिया जाए। बावजूद इसके इनकी ड्यूटी लगाने की चर्चा है, जिससे परीक्षा ड्यूटी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- जो केंद्र व्यवस्थापक हमारे संज्ञान में डिबार थे, उनको परीक्षा में नहीं लगाया गया है। परिषद से इस संबंध में इस वर्ष अब तक कोई सूची प्राप्त नहीं हुई हैं। अगर गलती से किसी की ड्यूटी लग गई है तो जांच कराके उन्हें हटा दिया जाएगा।- जेके मलिक, डीआईओएस हाथरस