भाद्रपद पूर्णिमा पर पितृपक्ष के पहले दिन गंगा स्नान का महत्व की मान्यता है, इसके कारण सांकरा गंगा घाट पर तड़के से ही दूरदराज के श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। घाट पर पूरे दिन हर-हर गंगे और भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देती रही।
सांकरा गंगा घाट पर भाद्रपद पूर्णिमा पर आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। पितृपक्ष के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद पितरों को तर्पण किया। गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य कर धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम रहे।
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भाद्रपद पूर्णिमा पर पितृपक्ष के पहले दिन गंगा स्नान का महत्व की मान्यता है, इसके कारण सांकरा गंगा घाट पर तड़के से ही दूरदराज के श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। घाट पर पूरे दिन हर-हर गंगे और भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। वहीं गंगा का जलस्तर भी कल की अपेक्षा घटकर 1.70 लाख क्यूसेक रह गया, जिससे भी लोगों ने राहत की सांस ली।
थाना प्रभारी दादों धीरज कुमार ने बताया कि पुलिस बल लगातार गंगा घाट पर तैनात रहा और स्थिति पर नजर बनाए रखी। गंगा एसडीआरएफ के साथ-साथ निजी गोताखोर भी गंगा घाट पर मौजूद रहे। अधिक भीड़ के कारण कुछ देर के लिए जाम की स्थिति भी बन गई। हालांकि पुलिसकर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए स्थिति को जल्द ही संभाल लिया।