नगर पालिका परिषद हाथरस में नवंबर 2024 में घरों से कूड़ा उठाने के लिए निकली निविदाओं में घोर अनियमितताएं बरती गईं। डीएम की जांच में शिकायत के सही पाए जाने के बाद शासन दो बार कारण बताओ नोटिस दे चुका है। इसके बावजूद दिसंबर 2025 में निकले डोर-टू-डोर टेंडर में आगरा की फर्म ने फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगा दिया। इस कारण टेंडर निरस्त करना पड़ा।
विशेष सचिव नगर विकास विभाग सत्यप्रकाश पटेल ने एक साल से चल रहे प्रकरण में नगर पालिका अध्यक्ष को दूसरा नोटिस भेजकर सात दिन में प्रकरण में जवाब मांगा है। इससे पहले शिकायतकर्ता की अपील पर हाईकोर्ट ने नौ दिसंबर को शिकायत के शीघ्र निस्तारण के आदेश दिए थे। गौरतलब है कि 26 नवंबर 2024 को डोर-टू-डोर कूड़ा संकलन का टेंडर उठाया था, जिसमें अनियमितता का आरोप लगाते हुए सभासद मनीष अग्रवाल ने शिकायत की थी। इसी शिकायत में नगर पालिका अध्यक्ष घिरी हुई हैं। पिछला मामला अभी खत्म नहीं हुआ था कि अब पालिका में टेंडर का दूसरा मामला तूल पकड़ रहा है।
दिसंबर 2025 में फिर से घरों से कूड़ा उठाने के लिए टेंडर उठाया था। 12.76 लाख रुपये प्रतिमाह में यह टेंडर निकला था, जिसमें चार फर्मों ने प्रतिभाग किया था। टेक्निकल बिड खुलने के बाद जब शिकायत हुई तो आगरा की केजीएल एप्पल सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के अनुभव प्रमाणपत्र का डीपीआरओ कार्यालय से सत्यापन कराया गया, जिसमें प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। टेक्निकल बिड में पास न होने के कारण टेंडर निरस्त किए गए थे। इसमें संबंधित फर्म के खिलाफ जांच की जा रही है। दोबारा निकाले गए टेंडर में छह फर्मों ने प्रतिभाग किया था, जिनमें से चार की बिड निरस्त हो गई है। दो फर्मों की जांच की जा रही है। जल्द ही प्रक्रिया पूर्ण की जाएंगी।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका