जनपद के बाजारों में इन दिनों विदेशी मेवों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खास बात यह है कि अब ऐसे मेवे भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, जिन्हें खोलने के लिए विशेष चाभी दी जा रही है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते इन प्रीमियम मेवों की मांग लगातार बढ़ रही है।
बाजार में इन दिनों मैकाडामिया नट्स, हेजल नट्स और पीनट नट्स जैसे विदेशी मेवे प्रमुख रूप से बिक रहे हैं। ये मेवे पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं, जिनमें प्रोटीन, हेल्दी फैट और एंटी ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं। यही कारण है कि अब लोग पारंपरिक मेवों के साथ-साथ इन विदेशी विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
इन मेवों की खासियत यह है कि इनका छिलका काफी सख्त होता है, जिसे आसानी से तोड़ना संभव नहीं होता। इसी वजह से कंपनियां पैकेट के साथ एक छोटी मेटल की चाभी या ओपनर दे रही हैं, जिससे छिलका तोड़ना आसान हो जाता है। यह नई व्यवस्था ग्राहकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
कीमत की बात करें तो ये मेवे काफी महंगे हैं। बाजार में इनकी कीमत करीब दो हजार से तीन हजार रुपये प्रति किलो तक है। इसके बावजूद इनकी मांग में कोई कमी नहीं है। दुकानों पर ये मेवे 200 ग्राम से लेकर एक किलो तक की पैकिंग में उपलब्ध हैं। ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।
पहले इस तरह के मेवे केवल बड़े शहरों तक सीमित थे, लेकिन अब हाथरस जैसे छोटे शहरों में भी इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। त्योहारों पर उपहार देने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच इनका खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे ग्राहक विदेशी मेवा की मांग कर रहे हैं, हम वैसे ही विदेशी मेवा का स्टॉक अपने यहां मंगवा रहे हैं।
-ऋषभ अग्रवाल, मेवा के विक्रेता