मुरसान थाना क्षेत्र में कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सिंडीकेट बैंक का जंगला काटकर दो नकाबपोश चोर गार्ड की दोनाली बंदूक और छह कारतूस चोरी कर ले गए। चोरों ने बैंक की तिजोरी को भी खोलने की कोशिश की लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली।
कलक्ट्रेट की बैंक में चोरी की वारदात से पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई। मौके पर डीएम अविनाश कृष्ण सिंह और एसपी दिलीप कुमार भी पहुंचे। मुरसान, कोतवाली, हाथरस गेट पुलिस के अलावा एसओजी, डॉग स्क्वॉयड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को भी बुलाया गया।
पुलिस के अलावा प्रशासन ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। डीएम ने चोरी की इस वारदात पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियाें को 24 घंटे के अंदर चोरी की वारदात का खुलासा करने को कहा है। मुरसान पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कलक्ट्रेट में ग्राउंड फ्लोर पर ही डीएम कार्यालय के पास ही सिंडीकेट बैंक है। इस बैंक में कलक्ट्रेट, विकास भवन के कई विभागों के अलावा सफाई कर्मचारियाें और आसपास के 30 गांवों के लोगों के हजारों खाते हैं। यूं तो कलक्ट्रेट की सुरक्षा के लिए दो होमगार्ड तैनात रहते हैं लेकिन उनकी ड्यूटी कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर रहती है। वहीं जिला कोषागार के बाहर भी दो गार्ड तैनात रहते हैं।
बैंक का गार्ड दिन में ड्यूटी पर रहता है जबकि रात में कोई सुरक्षा गार्ड नहीं रहता। चोरों ने बैंक में एक जंगले में लगे कूलर को हटाया और जंगला काटकर अंदर घुस आए। सीसीटीवी फुटेज में चोरों की संख्या दो बताई जा रही है। चोरों ने चेहरे ढके हुए थे।
चोरों के निशाने पर बैंक का कैश था लेकिन डबल लॉक की तिजोरी को वह खोल नहीं सके। जाते हुए वह बैंक के गार्ड चंद्रपाल निवासी नगला कली, सहपऊ की दोनाली बंदूक ले गए। बंदूक में लगे छह कारतूस उन्होंने चोरी कर लिए जबकि पास ही रखे थैले में 13 कारतूस और रखे थे।
इन कारतूसों और लाइसेंस पर चोरों की नजर नहीं पड़ी। पुलिस को अंदेशा है कि चोर काफी समय से बैंक की रेकी कर रहे होंगे। चोरों को यह पता होगा कि गार्ड बैंक के अंदर अपनी बंदूक छोड़कर घर जाता है।
पुलिस को बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों से मिली फुटेज से मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि यह फुटेज ज्यादा साफ नहीं है। पुलिस इस वीडियो को दोबारा प्रिंट करा रही है ताकि कोई सुराग हाथ लग सके। पुलिस के मुताबिक चोरों का उद्देश्य केवल बंदूक चोरी करना था क्योंकि सीसीटीवी फुटेज में चोर बैंक की बाकी सेफ और अलमारियों की छानबीन नहीं करते दिख रहे।
बैंक में चोरी की इस वारदात के बाद कलक्ट्रेट की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। कलक्ट्रेट में सभी विभागों में अहम रिकॉर्ड और दस्तावेज हैं। विकास कार्यों से संबंधित कई महत्वपूर्ण फाइलें भी हैं। यही नहीं कई गोपनीय फाइलें भी कलक्ट्रेट में रहती हैं जिनकी जानकारी केवल डीएम को ही रहती है। चोरी की वारदात से इन रिकॉर्डों के चोरी होने और नष्ट होने का अंदेशा पैदा हो गया है।
चुनाव से ठीक पहले लाइसेंसी हथियारों की चोरी चिंता में डाल रही है। बीते छह महीनों में ऐसा चौथी बार है जब जिले में लाइसेंसी हथियार चोरी हुए हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल चुनाव में हो सकता है। पुलिस इनमें से केवल एक बंदूक ही बरामद कर सकी है।
बैंक में चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। चोरी की वारदात की गहराई से जांच की जा रही है। जांच के बाद लापरवाही करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। - मनीषा सिंह, सीओ सादाबाद