बीईओ की लापरवाही से मनरेगा मजदूरों के भुगतान में देरी
देरी से भुगतान की रिपोर्ट पहुंची शासन स्तर पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मनरेगा के तहत मजदूरों को भुगतान निर्धारित समयावधि में नहीं मिल पा रहा है। इसकी मुख्य वजह ब्लॉक स्तर से बीडीओ द्वारा समयावधि में अपने डिजिटल हस्ताक्षर नहीं लगाना सामने आई है। यहां जिले में 2201 मस्टररोल के मजदूरों को देरी से भुगतान हो सका है। इसकी रिपोर्ट शासन को भी पहुंच गई है। अब आनन-फानन अधिकारियों द्वारा भुगतान किया जा रहा है। अब ब्लॉक स्तर से मनरेगा के तहत करीब 25 लाख रुपये का लेट पेमेंट किया गया है।
शासन स्तर से मनेरगा के तहत गांव के ग्रामीणों को उन्हीं के गांव में रोजगार मुहैया कराने का प्राविधान किया है, ताकि मजदूर को काम की तलाश में अपना गांव नहीं छोड़ना पड़े। यहां जिले में मनरेगा के तहत मानव दिवसों का सृजन भी ठीक तरीके से नहीं किया जा रहा है। इस कारण ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिन मजदूरों को काम दिया गया है, उनके भुगतान में देरी की जा रही है। शासन स्तर से निर्धारित दिनों के गुजरने के बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यहां जिले के 2,201 मस्टररोल पर कार्यरत मजदूरों को देरी से भुगतान किया गया है।
ब्लॉक स्तर से बीडीओ के डोंगल के नहीं लगने के कारण भुगतान की प्रक्रिया कई दिनों तक अटकी रही, जिसकी रिपोर्ट शासन में भी पहुंच गई है। पीडी एके मिश्र ने बताया कि मनरेगा में देरी भुगतान के मामले सभी ब्लॉकों के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
इन ब्लॉकों में हुआ देरी से भुगतान
सासनी -- 8.70 लाख
हाथरस -- 8.49 लाख
मुरसान -- 5.52 लाख
सादाबाद -- 50 हजार
सिकंदराराऊ -92 हजार
हसायन -- 46 हजार