एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट से बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खिलाफ दर्ज मानहानि परिवाद को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खारिज कर दिया है। पिछली तारीख पर संज्ञान के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था।
थाना चंदपा क्षेत्र के गांव में 14 सितंबर 2020 को अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ घटित घटना पूरे देश में सुर्खियों में रही थी। प्रकरण में 2 मार्च 2023 में न्यायालय का फैसला आया, जिसमें एक आरोपी को उम्रकैद व तीन को दोष मुक्त कर दिया था। कोर्ट के निर्णय देने के बाद 12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी पीड़िता के गांव पहुंचे थे और परिवार से मुलाकात की थी।
दोष मुक्त होने के बाद भी राहुल गांधी ने युवकों के बारे में बयान दिया था। साथ ही अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए अपराधियों के खुलेआम घूमने की बात कही थी। इसी बयान पर दूसरे पक्ष के आरोपी ने 24 दिसंबर 2025 को राहुल गांधी को नोटिस भेजा था और मानहानि का दावा करते हुए 50 लाख रुपये प्रतिकर की मांग की थी। जवाब न मिलने पर 24 जनवरी 2025 को मानहानि के आरोप में परिवाद दाखिल किया गया।
16 मार्च 2026 को हुई सुनवाई में लखनऊ से आए अधिवक्ता ने राहुल गांधी की ओर से आपत्ति दाखिल कर आरोपों को गलत बताते हुए केस खारिज करने की मांग की थी। दो मई को आपत्ति पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को न्यायालय ने आदेश सुनाते हुए मानहानि याचिका को खारिज कर दिया है।