बिना तिरंगा क शहीद जवान का पार्थिव शरीर बिना तिरंगा के
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आसाम में तैनात सीआईएसएफ के जवान का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। शहीद जवान का पार्थिव शरीर तड़के सुबह जब गांव पहुंचा, तो शोक की लहर दौड़ गई। जब परिजनों और ग्रामीणों ने जवान का शव बिना तिरंगा के देखा, तो अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। जवान की मौत का कारण नहीं बताने पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। पहले गार्ड ऑफ ऑनर नहीं देना चाह रहे थे, बड़ी मुश्किल से अधिकारी माने।
हाथरस में मुरसान के गांव गुवरारी में आसाम में तैनात सीआईएसएफ के जवान डिप्टी सिंह का शव आने के बाद कोहराम मच गया। पार्थिव शरीर को पूरा सम्मान न मिलने पर परिजनों ने कई घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि सीआईएसएफ के जवान डिप्टी सिंह को मारा गया है। साथ में आए जवान मौत का कारण स्पष्ट नहीं बता रहे हैं। जबकि डिप्टी सिंह के शरीर पर काफी चोटों के निशान मिले हैं।
शहीद डिप्टी सिंह का शव तिरंगे में लिपट कर नहीं आया, तो इससे नाराज होकर परिजनों ने हंगामा किया और दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा है कि जब तक डिप्टी सिंह को मान सम्मान नहीं मिलेगा तब तक वह दाह संस्कार नहीं करेंगे। मौके पर सीओ सदर, एसडीएम, पुलिस सहित क्षेत्रीय विधायक व जिला पंचायत सदस्य पहुंचे।
हाथरस जनपद में मुरसान क्षेत्र के गांव गुवरारी के रहने वाले एक सीआईएसएफ के जवान की आसाम में संदिग्ध अवस्था में शव मिला था। जवान के मौत का कारण पता नहीं चल पाया। 32 वर्षीय डिप्टी सिंह पुत्र मुकेश निवासी गांव गुवरारी मुरसान की करीब चार साल पहले सीआईएसएफ में तैनाती हुई थी। कुछ दिन पहले ही डिप्टी सिंह की पत्नी उसके पास से ससुराल गांव गुवरारी अपने बेटे के साथ लौटी थी। 31 मार्च को सुबह आसाम में जवान डिप्टी सिंह का शव मिला।