सोनू पिछले कुछ साल से हाथरस के बालापट्टी की माहौर बस्ती में अपने ससुर मलूकचंद्र के मकान में रह रहा था। वह कपड़े की सिलाई का काम करता था। दिवाली पर सोनू को मोहल्ले में नहीं देखा। गेट के नीचे से झांककर देखा तो युवक के पैर लटके नजर आए।
हाथरस के मोहल्ला बालापट्टी में युवक का शव घर में फंदे पर लटका मिला। मकान से बदबू आने पर पड़ोसियों को 24 अक्तूबर रात को जानकारी हुई। पुलिस मामले में घरवालों से पूछताछ कर रही है।
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38 वर्षीय सोनू पुत्र रामस्वरूप मूल रूप से दिल्ली के भागीरथी बिहार का रहने वाला था, लेकिन पिछले कुछ साल से वह बालापट्टी की माहौर बस्ती में अपने ससुर मलूकचंद्र के मकान में रह रहा था। वह कपड़े की सिलाई का काम करता था। मलूकचंद्र मूलरूप से मुरसान के गांव सरकौरिया के रहने वाले हैं। दिवाली से एक दिन पहले वह पत्नी रेनू व तीनों बेटियों को गांव में छोड़ आया था। तब से वह घर में अकेला था। पड़ोसियों ने बताया है कि दिवाली पर सोनू को मोहल्ले में नहीं देखा।
24 अक्तूबर रात से आस-पड़ोसियों को बदबू आ रही थी। 25 अक्तूबर की दोपहर तक बदबू बढ़ गई। काफी देर तक गेट खटखटाया, लेकिन नहीं खुला। गेट के नीचे से झांककर देखा तो युवक के पैर लटके नजर आए। सूचना पर कोतवाली सदर पुलिस पहुंच गई। जैसे-तैसे दरवाजा खोला गया। फंदे पर लटके शव को नीचे उतारा। परिजनों को सूचना दी। एसएचओ सतेंद्र राघव ने बताया कि युवक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। घरवालों से पूछताछ की जा रही है।