पेयजल की टंकी के नलकूप में लगी लेजम जिससे खेतो की हो रही सिंचाई,
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
हसायन (हाथरस)। खारे और प्रदूषित पानी की समस्या से जूझते क्षेत्र के गांव बरवाना में करोड़ों खर्च कर बनवाई गई टंकी का पानी ग्रामीणों को पिलाने की बजाय खेतों की सिंचाई में इस्तेमाल हो रहा है। टंकी को बनवाने का मकसद ग्रामीणों को शुद्ध पानी मुहैया कराना था, लेकिन गांव के दबंग लोगों ने पानी पर कब्जा कर लिया है। इस मामले में ग्राम प्रधान पति द्वारा कई बार जल निगम के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जल निगम के अधिकारी दबंगों के आगे असहाय नजर आते हैं। तीन साल पहले यहां एक सहायक अभियंता से मारपीट की घटना के बाद तो निगम अधिकारियों का हौसला बिल्कुल ही पस्त हो गया है।
ग्रामीणों की मानें तो टंकी पर तैनात कर्मी भी रात में डयूटी करने के बाद गांव के लोगों को टंकी के नलकूपों की चाभियां देकर चला जाता है। उसके बाद दबंगों द्वारा नलकूपों में पाइप लगाकर खड़ी फसल की सिंचाई की जाती है। बुधवार की दोपहर को खुद मीडिया टीम ने गांव में टंकी के नलकूपों से पाइप लगाकर फसलों की सिंचाई होते हुए देखी।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
ग्राम प्रधान विमलेश सिंह के पति ठा. रवेंद्र सिंह ने कहा कि जल निगम के अधिकारियों और पंप चालक द्वारा ग्रामीणों के लिए पेयजल की आपूर्ति करने की बजाय पूरे दिन खेतों में खड़ी फसल की सिंचाई कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें गर्मी के सीजन में भी खारा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
ग्राम प्रधान और उनके पति द्वारा पेयजल टंकी के नलकूपों से खेतों की सिंचाई किए जाने की शिकायत की है। अगर शिकायत सही पाई गई तो पंप चालक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को पीने के पानी की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-लोकेश कुमार, अवर अभियंता जल निगम