डकैती की इस वारदात के दौरान ग्रामीणों ने बदमाशों का मुकाबला किया था और दोनों ओर से फायरिंग हुई थी। इसमें पिता-पुत्र और दो डकैत घायल हुए थे। घायल डकैतों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सासनी के गांव मलिकपुरा निवासी गोधनलाल ने थाने में तहरीर दी थी और उसमें कहा था कि घटना वाली रात वह अपने घर पर सो रहा था और मेरे पिता छेदालाल घर के सामने वाली दुकान में सो रहे थे। करीब रात्रि 12 बजे आठ दस बदमाश जिसमें से एक के पास राइफल, एक-दो के पास बंदूक, कुछ पर कट्टे, कुल्हाड़ी,लाठी, बल्लम लिए हुए दूसरे मकानों की छतों से होकर मकान की छत पर चढ़ आए। इन्होंने ऊपर वाले कमरे के जंगले को काटना शुरु कर दिया। आंख खुलने पर गोधनलाल और उनकी पत्नी न बच्चों ने चीख पुकार की। लाइसेंसी बंदूक से बदमाशों की तरफ फायर किया। गांव में जाग हो गई।
गांव के ओम प्रकाश शर्मा अपनी बंदूक, भूदेव शर्मा, कृष्ण गोपाल शर्मा प्रधान बंदूक और टार्च लेकर, भगवती प्रसाद शर्मा, राजेंद्र सिंह, मेरा चचेरा भाई प्रेम शंकर, गांव के अन्य लोग लाठी डंडे और टार्च लेकर पहुंच गए। गांव में गश्त पर मौजूद थाने के दो सिपाही इंद्रपाल व सूरजपाल भी मौके पर आ गए। करब के पूरों में आग लगाकर रोशनी की गई और बदमाशों को घेरा, दोनों तरफ से काफी देर तक गोलियां चलीं। छेदा लाल के हाथ व पेट पर और गोधनलाल के दाहिने पैर व बाईं जांघ पर छर्रे लगे। सुघड़ पाल को कुल्हाड़ी व भोले को कट्टे और कारतूस के पकड़ लिया। उन्हें भी गोलियां लगी थीं।