ऐसे जाल में फंसे लोग
केस -1-हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र की कान्हा विहार कॉलोनी निवासी उद्यान विभाग की लिपिक नूतन रानी के पास व्हाट्सएप पर शादी के कार्ड की एक एपीके फाइल आई। फाइल पर क्लिक करते ही उनका फोन हैक हो गया और तीन किश्तों में उनके खाते से 1.18 लाख रुपये पार कर दिए गए। 17 फरवरी को उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी।
केस-2- हसायन के रसूलपुर निवासी पवन कुमार के साथ भी यही हुआ। 25 फरवरी को आए एक निमंत्रण की फाइल डाउनलोड करते ही उनका फोन हैक हुआ और उन्हें भनक तक नहीं लगी। जब तक वह कुछ समझ पाते, उनके खाते से 4.17 लाख रुपये साफ हो चुके थे। उन्होंने 26 फरवरी को साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई। समय से सूचना देने के कारण ठग के खाते में पुलिस ने बैंक के जरिये 59 हजार रुपये फ्रीज करा दिए।
डिजिटल डेथ ट्रैप के अन्य रूप
सिर्फ शादी के कार्ड ही नहीं, ठग इन रास्तों से भी जाल बिछा रहे हैं
- ई-चालान स्कैम : आपके पास मेसेज आता है कि आपकी गाड़ी का चालान कटा है, फाइल डाउनलोड कर विवरण देखें।
- बिजली बिल/केवाईसी : आपका बिजली का कनेक्शन आज रात काट दिया जाएगा, अपडेट के लिए इस ऐप को इंस्टॉल करें।
- सरकारी योजना : पीएम आवास योजना या लाडली बहना योजना की लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए यहां क्लिक करें।
इस तरह काम करता है यह 'डिजिटल डेथ ट्रैप'
- लुभावना मेसेज : आपको व्हाट्सएप पर किसी परिचित या अनजान नंबर से मेसेज आता है, जिसमें लिखा होता है-दीदी/भाई, शादी में जरूर आना, कार्ड नीचे फाइल में है।
- एपीके फाइल का जाल : कार्ड की फोटो के बजाय एक फाइल भेजी जाती है, जिसके अंत में डॉट एपीके लिखा होता है।
- रिमोट एक्सेस : जैसे ही आप इस फाइल को इंस्टॉल करते हैं, यह एक ''मैलवेयर'' (खतरनाक सॉफ्टवेयर) के रूप में आपके फोन में छिप जाता है। इससे ठग को आपके फोन की स्क्रीन, मैसेज और कीबोर्ड का पूरा एक्सेस मिल जाता है।
- सेंधमारी : ठग आपके फोन में मौजूद यूपीआई एप्स आदि के जरिये ट्रांजेक्शन शुरू करता है। चूंकि ओटीपी उसके पास भी जा रहा होता है, इसलिए वह आसानी से रुपये निकाल लेता है।
इन बातों का रखें खास ख्याल
- अज्ञात फाइल डाउनलोड न करें : अगर कोई आपको डॉट एपीके फॉर्मेट में फाइल भेजता है, तो उसे भूलकर भी न खोलें। शादी के कार्ड हमेशा इमेज जेपीजी या पीडीएफ फॉर्मेट में होते हैं।
- अनावश्यक परमिशन न दें : कोई भी एपइंस्टॉल करते समय ''एसएमएस रीड'' या ''ओवर-ले'' की परमिशन मांगता है, तो सावधान हो जाएं।
- एंटी वायरस का प्रयोग करें : अपने फोन में एक भरोसेमंद मोबाइल सिक्योरिटी एप रखें जो संदिग्ध फाइलों को तुरंत ब्लॉक कर सके।
- अनजान साेर्स बंद रखें : फोन की सेटिंग्स में जाकर ''इंस्टाल फ्रॉम अननोन सोर्सेज के विकल्प को हमेशा ऑफ रखें।
- संदिग्ध लिंक से बचें : आरटीओ के चालान या बिजली बिल के नाम पर आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।