सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव टीकैत में करंट की चपेट में आने से पांच वर्षीय देव उर्फ किट्टू की मौत हो गई। परिजन आनन-फानन बच्चे को लेकर मथुरा के अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे को खोने से माता-पिता बदहवास हैं।
सुनील उर्फ सेट्टी किसान है। वे अपने बड़े भाई सतेंद्र व मां राजो के साथ रहते हैं। रविवार की सुबह करीब 11 बजे सुनील का इकलौता बेटा किट्टू आंगन में खेल रहा था। खेलते हुए वह घर के बाहर चबूतरे पर आ गया। चबूतरे पर ही सबमर्सिबल लगी हुई है। परिवार के लोग काम में व्यस्त थे। घर में किट्टू के न दिखने पर दादी को चिंता हुई। करीब 10 मिनट बाद वे उसे खोजती हुईं घर के बाहर आईं तो देखा किट्टू चबूतरे पर पड़ा है और उसके हाथ में सबमर्सिबल की केबल लगी है।
राजो ने दौड़ कर उसे उठाने का प्रयास किया। उन्हें भी करंट लगा और वे दूर जाकर गिरीं। राजो के होश उड़ गए। उन्होंने चीखकर सतेंद्र को आवाज लगाई। बच्चे के ताऊ ने डंडे की मदद से तार को अलग किया और उसे अस्पताल ले गए। पूर्व प्रधान विजयपाल चौधरी व गांव के अन्य लोग एकत्रित हो गए। बिसावर के निजी अस्पताल में दिखाने के बाद वे मथुरा लेकर गए, लेकिन वहां भी चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
शव आते ही मचा कोहराम
गांव में बच्चे का शव आते ही मां व पिता सुनील बदहवास हो गए। बच्चे को सीने से लगाकर वे उसे पुकार रहे थे। उनकी यह हालत देख आसपास मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। हादसे से आस-पड़ोसी भी सदमे में हैं। जवाहर सिंह ने बताया कि बच्चा उनके परिवार के बच्चों के साथ भी खेलता था। हम भी उसे दुलार करते थे। वह बिसावर इंटरनेशनल स्कूल में एलकेजी का छात्र था। ग्रामीणों के अनुसार सबमर्सिबल की केबल कट रही थी, जिस कारण बच्चा करंट की चपेट में आया। सीओ जेएन अस्थाना ने बताया कि परिवार की ओर से घटना की सूचना नहीं दी गई है।