गुरु पूर्णिमा पर गोवर्धन परिक्रमा और राजस्थान स्थित केला देवी-करौली धाम का दर्शन करने के लिए जाने वाले यात्रियों की बुधवार को हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर भीड़ उमड़ पड़ी। कासगंज-मथुरा रेलखंड पर चलने वाली लगभग सभी पैसेंजर ट्रेनों में क्षमता से कई गुना अधिक यात्री सफर करते दिखे। दिन में गुरु पूर्णिमा मेला स्पेशल ट्रेन न चलने पर नाराजगी जताई।
बुधवार की सुबह से ही हाथरस सिटी स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ जुटने लगी थी। कासगंज से आने वाली पैसेंजर ट्रेनें पहले ही खचाखच भरी थीं। हाथरस सिटी स्टेशन से चढ़ने वाले यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिली। कई यात्रियों को जीआरपी और रेलवे कर्मचारियों की मदद से किसी तरह डिब्बों में चढ़ाया गया।
रेलवे की ओर से मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन रात के समय किया गया। हालांकि, सबसे अधिक भीड़ सुबह और दिन के समय ही रही। इसके चलते नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त दबाव बना रहा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु पूर्णिमा के पर गोवर्धन परिक्रमा के लिए मथुरा रवाना हुए। दोपहर में चलने वाली गंगापुर सिटी पैसेंजर से कई श्रद्धालु राजस्थान के हिण्डौन तक पहुंचे। वहां से श्रद्धालु केला देवी-करौली धाम में दर्शन एवं गुरु पूजन के लिए रवाना हुए। पहले यह ट्रेन अछनेरा तक संचालित होती थी। अब गंगापुर सिटी तक संचालन होने से यात्रियों को सीधा लाभ मिला है। दिनेश पाल सिंह ने बताया कि हिण्डौन पहुंचना आसान हो गया है। मुकेश पाल ने सीधी रेल सुविधा से समय और किराए दोनों की बचत बताई।
रेलवे स्टेशन पर रही अव्यवस्था
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की इतनी भीड़ थी कि प्रतीक्षालय और प्लेटफार्म की सभी सीटें भर गईं। कई परिवारों को फर्श और प्लेटफार्म पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई पुरुष यात्री महिला कोच में भी चढ़ गए। वहीं, कुछ यात्रियों को ट्रेन के मालवाहक हिस्से के पास खड़े होकर सफर करना पड़ा। आरपीएफ और जीआरपी ने यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करने की अपील करते हुए व्यवस्था संभाली।
बसों में भी रही भारी भीड़
ट्रेनों के साथ रोडवेज बसों में भी भारी भीड़ रही। हाथरस डिपो की ओर से मुड़िया मेले के लिए 30 बसें लगाई गई थीं। गोवर्धन और अन्य मार्गों पर अतिरिक्त संचालन किया गया, फिर भी अधिकांश बसें पूरी क्षमता के साथ रवाना हुईं। यात्री सौरभ सिंह ने कहा कि दिन में मेला स्पेशल ट्रेन चलती तो यात्रा अधिक सुविधाजनक रहती। दिनेश कुमार ने बच्चों के साथ यात्रा को मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर गोवर्धन परिक्रमा करने का पूरे परिवार में काफी दिनों से उत्साह था।