सादाबाद में गांव कुम्हरई और सरौठ के बीच मंगलवार तड़के करीब तीन बजे तेज पानी के बहाव से जुगसना रजबहे की पटरी कट गई। आसपास के खेतों में भर गया और 80 बीघा से अधिक कृषि भूमि में पानी भर गया। खेतों में खड़ी मिर्च, बाजरा, धान और गोभी की पौध समेत अन्य फसलों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
पटरी कटने की जानकारी मिलते ही किसान खेतों की ओर दौड़े और पानी रोकने में जुट गए। दिलीप, बनी सिंह, चंद्रपाल और मनवीर समेत कई किसानों की मिर्च, चरी और सब्जियों की फसल पानी में डूब गई। प्रधान पूरन सिंह ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को सूचना दी। किसानों का आरोप है कि रजबहे में कचरा भरा होने के बावजूद पर्याप्त सफाई और पटरी की मरम्मत के बिना पानी छोड़ दिया जाता है। पानी रोकने के लिए किसानों ने स्वयं जेसीबी मंगाकर कटी पटरी की मरम्मत कराई। तहसीलदार सोनू बघेल ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजकर मुआयना कराया जाएगा।
नीम का पेड़ बिजली लाइन पर गिरा, छह खंभे टूटे
मंगलवार तड़के तेज पानी के बहाव के साथ क्षेत्र में एक अन्य घटना भी सामने आई। गांव कुम्हरई में नीम का पेड़ टूटकर बिजली की लाइन पर गिर गया। पेड़ गिरने से विद्युत लाइन के छह खंभे टूट गए, जिससे गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली के खंभे टूटने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा।