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Hathras News: हाईवे की निगरानी करेंगी क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें

Tue, 03 Feb 2026 02:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने मिशन जीरो फेटलिटी शुरू किया है। यातायात निदेशालय के निर्देश पर इस मिशन के तहत हर जिले में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया गया है। यह टीम हाईवे की निगरानी करेगी।
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हाथरस के चार थानों को इस प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित किया गया है। प्रत्येक में पांच पुलिस कर्मियों की टीम तैयार की गई है, जिसे विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य गोल्डन आवर में घायल को अस्पताल तक पहुंचाकर उसकी जान बचाना होगा।

जिला सड़क सुरक्षा समिति ने पहले फेज में सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले चार थानों को चिह्नित किया है। इनमें सिकंदराराऊ, हाथरस जंक्शन, हाथरस गेट व सादाबाद हैं, जहां क्रिटिकल कॉरिडोर टीम बनाई गई हैं। वर्ष 2025 में 512 सड़क दुर्घटनाओं में 309 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 528 लोग घायल हो चुके हैं। इनमें 68 फीसदी हादसे इन्हीं थाना क्षेत्रों के हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे, मथुरा-बरेली, आगरा-अलीगढ़ व दिल्ली-कानपुर हाईवे इन्हें थानों से गुजर रहे हैं।
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इस तरह करेगी काम

प्रत्येक थाने पर पांच सदस्यीय क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया गया है, जिनमें एक एसआई, एक हेड कांस्टेबल व तीन कांस्टेबल होंगे। इन्हें अलग वाहन उपलब्घ कराया गया है, साथ ही ब्रीथ एनलाइजर, बॉडी वार्न कैमरा, रिफ्लेक्टर जैकेट आदि उपकरण दिए गए हैं। ये टीम शाम छह से नौ बजे तक हाईवे पर चेकिंग के साथ ही दुर्घटनाओं पर तत्काल मौके पर पहुंचेगी और घायलों को समय से अस्पताल पहुंचाएगी। यही टीम दुर्घटनाओं के मामलों की जांच भी करेगी। हर महीने होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आंकड़ों के साथ रिपोर्ट भी करेगी, जिससे प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।



पुलिस लाइन में दी गई विशेष ट्रेनिंग


क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को पुलिस लाइन में विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इस प्रशिक्षण में जवानों को बेसिक लाइफ सपोर्ट और सीपीआर की बारीकियां सिखाई गई हैं। टीम को सिखाया है कि दुर्घटना के समय सांस की नली को कैसे खुला रखा जाए। साथ ही हृदय गति रुकने की स्थिति में मरीज को कैसे जीवन रक्षक सहायता दी जाए, जिससे मरीज की जान को जोखिम से बाहर लाया जा सके।




जिले के चार थानों में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया गया है। ये टीम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक होंगी। रेस्पांस टाइम कम से कम कर घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया जाएगा।
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-रामानंद कुशवाहा, एएसपी
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