उत्तर प्रदेश पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के माध्यम से फार्मेसी प्रवेश की दूसरी काउंसिलिंग सोमवार को पूरी हो गई। इसके बावजूद जिले के 16 फार्मेसी कॉलेजों में 70 फीसदी सीटें खाली पड़ी हैं, जिससे कॉलेज प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है।
जनपद के 16 राजकीय अनुदानित और निजी कॉलेजों में डी.फार्मा आदि पाठ्यक्रमों की कुल 960 सीटें निर्धारित हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया कराई जा रही है।
दूसरे चरण के तहत चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित कॉलेजों में रिपोर्ट करने का समय दिया गया था। शुल्क जमा करने और दस्तावेज सत्यापन की अंतिम तिथि 5 अक्तूबर थी। दो प्रमुख चरणों की काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद भी करीब 650 से अधिक सीटें खाली हैं। कॉलेज संचालक अब तीसरे चरण की काउंसिलिंग की राह देख रहे हैं।
हालांकि, प्राविधिक शिक्षा परिषद या प्रवेश परीक्षा बोर्ड ने अभी कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। इससे प्रवेश से वंचित विद्यार्थी और कॉलेज संचालक असमंजस में हैं।
दाखिले की स्थिति : हाथरस जनपद में कुल 16 फार्मेसी कॉलेज संचालित हैं। इन कॉलेजों में डी.फार्मा जैसे पाठ्यक्रमों के लिए 960 सीटें उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के जरिये इनमें दाखिला होता है। दूसरे चरण की काउंसिलिंग पूरी होने के बाद भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अनुमान है कि केवल 30 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हो पाए हैं।