विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-प्रथम निर्भय नारायण राय की अदालत ने कक्षा पांच की 10 वर्षीय छात्रा के साथ लगातार छेड़खानी, अभद्रता और गंभीर लैंगिक हमला करने के आरोपी बस हेल्पर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
मामला कोतवाली सासनी क्षेत्र के एक निजी स्कूल का है। महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी 10 वर्षीय बेटी अलीगढ़ रोड स्थित स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा है। वह प्रतिदिन स्कूल बस से आती-जाती थी। आरोप है कि बस का हेल्पर आशीष निवासी सासनी बस में छात्रा पर बात करने का दबाव बनाता था और अपना मोबाइल नंबर देकर फोन करने के लिए मजबूर करता था।
विरोध करने पर वह छात्रा को डराता-धमकाता था। छात्रा के परिजन 31 अगस्त 2026 को शिकायत करने स्कूल पहुंचे तो आरोपी अपना फोन स्कूल में ही छोड़कर फरार हो गया था। पीड़िता ने बीएनएसएस की धारा 180 एवं 183 के तहत दिए गए बयानों में खुलासा किया कि आरोपी उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और गलत नीयत से स्पर्श करता था।
उसने छात्रा के छोटे भाई-बहन (जो उसी स्कूल में पढ़ते हैं) को जान से मारने की धमकी देकर किसी को न बताने के लिए डराया था। इसके अलावा परीक्षा के सवाल बताने का झांसा देकर उसे फोन पर बात करने के लिए दबाव बनाता था। इस दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने का तर्क दिया और जमानत की गुहार लगाई। अभियोजन पक्ष एवं विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) ने जमानत प्रार्थना पत्र का कड़ा विरोध करते हुए अपराध को अत्यंत गंभीर व जघन्य प्रकृति का बताया।