सादाबाद पुलिस ने बुधवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान जारऊ पुलिया के पास एक बोलेरो लोडर को रोका तो उसमें मौजूद बदमाशों ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी बड़े वाहनों को लूटते थे। इसके बाद टायर लूटकर वाहनों को लावारिस खड़ा कर देते थे।
एएसपी अरविंद कुमार ने बताया कि गैंग के सदस्य ट्रकों को लूटने के बाद उनके टायर निकालकर बेच दिया करते थे। ट्रक का पुराना टायर 10 हजार का और नया टायर 15 से 20 हजार रुपये तक बिक जाता है। एक ट्रक लूटने के बाद उससे निकाले गए छह टायरों को बेचकर आरोपियों को 60 हजार से एक लाख रुपये तक मिल जाते थे। एक जुलाई को आरोपियों ने सादाबाद के बरौस के पास खड़े एक ट्रक को लूटा था। इस ट्रक को आरोपी फिरोजाबाद के एक ढाबे पर ले गए।
चूंकि आरोपियों में से कुछ लोग पहले ट्रक ड्राइवर थे, इसलिए ढाबे वाले को उनकी हरकत पर शक नहीं हुआ। ढाबे पर जाकर खुद को लूटे गए ट्रक का चालक बताकर आरोपियों ने एक-एक कर छह टायर निकाल लिए। टायर निकालने के बाद इसे आगरा में एक जगह पर लावारिस छोड़ दिया गया। चूंकि ट्रक में जीपीएस लगा हुआ था। इसलिए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और बुधवार रात सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन मिलने पर जारऊ पर चेकिंग शुरू की गई, जिसमें दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए, बाकी भाग गए। हत्थे चढ़े आरोपियों में भूपेंद्र सिंह पुत्र रामावतार सिंह और भोला धाकरे पुत्र राजकुमार निवासी नियामतपुर, थाना नगला सिंघी, फिरोजाबाद हैं।
मौके एएसपी ने बताया कि जो बोलेरो आरोपियों के पास से मिली है, इसे ट्रक लूटने से ठीक एक दिन पहले 30 जून को सादाबाद के राधिका होटल के बाहर से चुराया गया था। आरोपी इसी बोलेरो में लूटे गए ट्रक के टायर रखकर बेचने को ले जा रहे थे। एएसपी ने बताया कि गैंग के सदस्यों ने चार साल पहले भी सादाबाद से प्याज से भरे ट्रक को लूटने के बाद उसके टायर निकालकर बेचे थे।