अपर सत्र न्यायाधीश पंचम योगेंद्र राम गुप्ता के न्यायालय ने घर में घुसकर प्राण घातक हमले के तीन आरोपियों को दोषी माना है। उन्होंने तीनों को 10-10 वर्ष के कारावास एवं दो को 27-27 हजार एवं तीसरे को 29 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस ने एक अभियुक्त से वह अवैध तमंचा बरामद किया था, जिससे गोलियां चलाई गई थीं। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और जेल में बिताई गई अवधि को भी सजा में शामिल किया जाएगा।
कोतवाली सासनी पुलिस को रमेश उपाध्याय निवासी गांव बांधनू ने नौ दिसंबर 2010 को तहरीर सौंपी, जिसमें आरोप था कि आठ दिसंबर 2010 को वह अपने घर में खाना खा रहा था। इस दौरान गांव के ही धर्मेंद्र कुमार, भोला एवं मुकेश कुमार अपनी 800 मारुति कार से रात को करीब आठ बजे आए। इन लोगों ने आवाज देकर दरवाजा खुलवाया और गाली-गलौज करने लगे। इन लोगों ने कहा कि तू अपनी लड़की की शादी मुझसे नहीं करता है। आज हम तुम लोगों को जान से मार देंगे।
घर में शोर सुनकर ऊपर छत से उसकी पत्नी और दोनों पुत्रियां भी नीचे उतर आईं। उन्होंने गाली-गलौज का विरोध किया तो धर्मेद्र कुमार व भोला ने अपनी अंटी से तमंचा निकालकर जान से मारने की नीयत से उसकी लड़कियों के ऊपर फायर कर दिए, जो उसकी बेटी रेनू की बायीं जांघ में और नीलम के बाएं कंधे में लगी। वादी व उसकी पत्नी पर मुकेश ने लाठी से प्रहार किया, जिससे उसके सिर पर काफी गंभीर चोटें आई। गोलियों की आवाज सुनकर गांव के काफी लोग एकत्रित हो गए, जिनको देखकर ये लोग भाग गए। तहरीर में रमेश उपाध्याय ने कहा है कि इन लोगों ने पूर्व में भी उनकी बेटियों से शादी के लिए धमकी दी थी।
न्यायालय में वादी की ओर से एडीजीसी हरिओम शर्मा ने सबूत पेश किए। दोनों पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद सबूतों के आलोक में निर्णय देते हुए न्यायालय ने धर्मेंद्र कुमार, भोला व मुकेश कुमार को धारा 307 में 10-10 वर्ष के कारावास एवं 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
धारा 452 में 5-5 वर्ष के कारावास एवं 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड, धारा 504 में दो-दो वर्ष के कारावास एवं दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि अभियुक्त भोला को 25 आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष के कारावास एवं दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।