मृतकों के घर पर लगी लोगों की भीड़।
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शहर के लाला के नगला मोहल्ले में बीती 24 अप्रैल की रात को खाना बनाते समय सिलिंडर लीक होने से लगी आग में बुरी तरह झुलसे तीन लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। गृहस्वामी ओमप्रकाश की भांजी रचना (20) ने शनिवार रात दिल्ली में दम तोड़ दिया। वहीं रविवार सुबह ओमप्रकाश की पत्नी अनार देवी (50) और बेटे बंटू (30) भी नहीं बचे। ओमप्रकाश की हालत अभी नाजुक बनी हुई है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से मोहल्ले में मातम छा गया है।
मोहल्ले के कालीचरण और डोरीलाल ने बताया कि ओमप्रकाश के तीन बेटे कैलाश, बंटू, करुआ के अलावा एक बेटी सीमा है, जिसकी शादी हो चुकी है। पूरा परिवार एक ही घर में रहता है। परिवार के ज्यादातर सदस्य मजदूरी कर गुजारा करते हैं। ओमप्रकाश की भांजी रचना पुत्री खेमचंद्र मूल रूप से मथुरा के दाऊजी थाना क्षेत्र के गांव नगला गिरधर की रहने वाली थी।
दो साल पहले ही वह अपने परिवार के साथ ओमप्रकाश के पड़ोस में आकर रहने लगी थी। रचना के पिता ओमप्रकाश के घर के बाहर लकड़ी के खोखे में परचून की दुकान कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। हादसे के समय रचना ओमप्रकाश के घर में ही मौजूद थी। सबसे पहले अनारदेवी, रचना और उसके पास बैठा नितिन आग की चपेट में आए और फिर आग बुझाने की कोशिश में ओमप्रकाश और बंटू भी झुलस गए। हादसे में ओमप्रकाश, उनकी पत्नी अनार देवी, बेटा बंटू, भांजी रीना के अलावा ओमप्रकाश का डेढ़ वर्षीय नाती नितिन भी झुलसकर घायल हो गया था। हालांकि नितिन को उपचार के बाद जिला अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
बाकी चारों को गंभीर हालत में अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। रचना की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे यहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया था। शनिवार रात दिल्ली में उपचार के दौरान रचना की मौत हो गई। परिवारीजनों ने रचना के शव का अंतिम संस्कार अपने गांव नगला गिरधर में किया। रविवार सुबह अनारदेवी और उनके बेटे बंटू ने भी दम तोड़ दिया। देर शाम दोनों के शव लाला के नगला पहुंचे तो मोहल्ले के लोगों की आंखें नम हो गईं। सभी हादसे में एक ही परिवार के मां-बेटे और भांजी की मौत से बेहद दुखी थे।