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चुनावी हिंसा में सहपऊ ब्लॉक प्रमुख व राशन डीलर समेत तीन गिरफ्तार

Thu, 16 Feb 2017 11:15 PM IST
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
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Accused of Violence - फोटो : amar ujala
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हाथरस। विधान सभा चुनाव से पहले सहपऊ के मानिकपुर में हुई खूनी भिड़ंत में बसपा समर्थक पुष्पेंद्र की हत्या के आरोपी सहपऊ ब्लॉक प्रमुख विनीत गुप्ता समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तारी को काफी देर तक गोपनीय रखा और तीनों आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण सासनी सीएचसी पर कराया। दोपहर बाद चुपचाप आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, डीआईजी आरपीएस यादव ने इस मामले की विवेचना सहपऊ पुलिस से लेकर अलीगढ़ क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।      
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मालूम हो कि आठ फरवरी को चुनाव प्रचार के दौरान सहपऊ के मानिकपुर में सपा-बसपा समर्थकों में टकराव हो गया था, जिसमें बसपा समर्थक पुष्पेंद्र की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में उसके पिता रामहरि की शिकायत पर सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल, उनके भाई राकेश अग्रवाल, भतीजे अतुल अग्रवाल, बेटे चंदन अग्रवाल व सहपऊ ब्लाक प्रमुख विनीत गुप्ता को नामजद किया गया था।

इनके अलावा 25-30 अन्य आरोपी भी बनाए गए थे। सीओ सादाबाद मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों में से एक सादाबाद थाना क्षेत्र के गांव मंस्या के राशन डीलर राकेश सिंह की गिरफ्तारी गुरुवार को सलेमपुर तिराहे से की गई। वहीं, सहपऊ ब्लॉक प्रमुख विनीत गुप्ता पुत्र दिवाकर स्वरूप गुप्ता निवासी सहपऊ और श्याम गुप्ता पुत्र शांतिस्वरूप गुप्ता निवासी कोका, अल्लहेपुर, चंदपा की गिरफ्तारी आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में छलेसर चौकी के पास से की गई।
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पुलिस ने इस मामले में नौ फरवरी को रिंकू पुत्र जितेंद्र सिंह निवासी बिसाना को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अब तक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, हालांकि पुलिस पर अभी भी बाकी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बना हुआ है।

जिला पंचायत अध्यक्ष और बसपा प्रत्याशी रामवीर उपाध्याय के अनुज विनोद उपाध्याय के धरने की चेतावनी देने के बाद हरकत में आए पुलिस ने प्रशासन ने आनन-फानन में यह गिरफ्तारी की। गुरुवार सुबह ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन गुपचुप तरीके से सासनी में आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। पूरे मामले को मीडिया से दूर रखने की पूरी कोशिश की गई। सासनी में चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान फोटो खींचने से रोका गया और पुलिस ने मीडियाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की।
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