सहपऊ। क्षेत्र के गांव महरारा में पिता-पुत्र ने मिलकर शनिवार की रात को करीब 10 बजे एक युवक को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। बाद में घायल ने देर रात दम तोड़ दिया। युवक पर यह हमला उस वक्त किया गया, जब वह शराब पीकर अपने कमरे में सो रहा था। मृतक के बड़े पुत्र ने शनिवार को देर रात पहले मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन बाद में जब उसके पिता की मौत हो गई तो पुलिस ने मुकदमे को हत्या में तरमीम कर दिया।
गांव महरारा निवासी 44 वर्षीय घनश्याम यादव पुत्र द्वारिका प्रसाद एवं किताब सिंह पुत्र बनवारीलाल के साथ अन्य दो व्यक्तियों ने शनिवार की शाम को गांव के ही एक मंदिर पर बैठकर शराब पी। इस दौरान घनश्याम एवं किताब सिंह में किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। थोड़ी देर बाद सभी अपने घर चले गए। वहां से जाने के बाद किताब सिंह एक बार फिर घनश्याम के घर पहुंच गया और दोनों एक कमरे में बैठकर फिर से पीने लगे।
रिश्ते में दोनों चचेरे भाई थे। जब घनश्याम को नशा हो गया तो वहां भी शाम की बात को लेकर दोनों आपस में झगड़े लगे। किताब सिंह नशे में झूमता हुआ अपने घर पहुंचा, वहां से अपने पुत्र राम हरि को साथ लेकर हाथ में लाठी-डंडा लेकर आ गया। दोनों ने मिलकर चारपाई पर सोए घनश्याम पर ताबड़तोड़ लाठी-डंडे बरसाने शुरू कर दिए। उसकी चीख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी दौड़ती आई। उसको आता देखकर वह दोनों वहां से भाग गए। मृतक की पत्नी एवं पड़ोसियों ने मारपीट की सूचना पुलिस को दी और युवक को गंभीर घायल अवस्था में कोतवाली ले आए। पुलिस ने घायल को सीएचसी भेज दिया। सीएचसी मेें उसकी मरहम-पट्टी कर वापस घर भेज दिया गया। मृतक की पत्नी ने रात में ही अपने दोनों पुत्रों को फोन पर घटना की सूचना दे दी। मृतक का बड़ा पुत्र भूपेंद्र, जो शिकोहाबाद में नौकरी करता है, रात को ही घर आ गया एवं उसने रात में ही इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में नामजदों के खिलाफ तहरीर दे दी। पुलिस ने रात को ही मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया।
सुबह होने पर जब उसके पत्नी ने उसे चाय के लिए जगाया तो वह बेहोश था। उसने अपने पुत्र एवं अन्य परिजनों को आवाज देकर बुलाया एवं उसे लेकर कोतवाली आए। जहां प्रभारी कोतवाली निरीक्षक ने उनको उसका इलाज आगरा में कराने की सलाह दी। जब उसके साथ आए लोगों ने उसे हिलाया तो उसकी मौत हो चुकी थी। उसकी मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र का कहना है कि पुत्र द्वारा दी गई तहरीर पर ही हत्या का मुकदमा तरमीम कर दिया गया है। हत्या के आरोपी गांव छोड़ कर भाग गए हैं।
इधर, मृतक के परिजनों ने सीएचसी के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि मृतक की हालत गंभीर थी तो डॉक्टर ने उसे बडे़ अस्पताल रेफर क्यों नहीं किया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश मोहन का कहना है कि मौत का कारण मृतक की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर ही कुुछ कहा जा सकता है कि उसकी मौत किन कारणों से हुई।