रिटायर्ड प्रोफेसर के यहां हुई डकैती का आरोपी पुलिस के साथ।
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तीन सितंबर को प्रकाश टैक्सटाइल्स में दिनदहाड़े रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी बेटी को घायल कर लाखों की डकैती डालने की वारदात का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक अविनाश गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया था। पांच आरोपियों में से एक को पुलिस ने दबोचकर जेल भेज दिया है।
बाकी की तलाश की जा रही है।
एसओ केपी सिंह के मुताबिक आरोपी अविनाश गैंग के साथ मिलकर जमीनों पर कब्जा करने का काम करते हैं। प्रकाश टैक्सटाइल्स के पास इन्होंने ढाई बीघा जमीन का सौदा किया था। इस जमीन पर एक महिला का मकान बना हुआ था। आरोपी इस महिला पर जबरन मकान बेचने का दबाव बना रहे थे।
रिटायर्ड प्रोफेसर केडी पाठक का बेटा इस मामले में दखल दे रहा था। वह मकान खाली किए जाने के विरोध में था। इसी बात पर आरोपियों ने उसे सबक सिखाने की ठानी थी। पांचों युवक दिनदहाड़े पाठक के घर पहुंचे थे, लेकिन रिटायर्ड प्रोफेसर के बेटे की किस्मत अच्छी थी। वह आरोपियों के घर पहुंचने से पहले ही किसी काम से घर से निकल चुका था। आरोपियों को घर पर रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी बेटी ही मिले। दोनाें को बंधक बनाकर बेहोश होने तक पीटा गया। घर में रखे जेवरात लूट कर आरोपी भाग निकले थे।
एसओ के मुताबिक डकैती के बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कुछ आरोपियों की पहचान कर ली थी। 11 अक्तूबर की रात को आरोपियों में से एक राजीव राना उर्फ राजू पुत्र यादराम सिंह निवासी लेबर कॉलोनी को पुलिस ने दबोच लिया। डकैती में कुल पांच आरोपी हैं।
इनमें से राजकुमार पुत्र ओंकार निवासी खन्नपुरा, हाथरस जंक्शन और अमन प्रताप पुत्र अनिल कुमार निवासी अखईपुर, हाथरस जंक्शन को भी नामजद किया गया है। इनके अलावा दो आरोपी अन्य हैं। पुलिस ने राजू के पास से रिटायर्ड प्रोफेसर के यहां से लूटे गए चांदी के आठ सिक्के भी बरामद किए हैं। राजू को दबोचने वाली टीम में एसओ केपी सिंह, एसआई मनोज कुमार, उमेश चंद्र शर्मा, सुधीर कुमार, दिनेश कुमार व जितेंद्र कुमार शामिल हैं।