मुरसान कोतवाली पुलिस द्वारा एक कार में मीट मरीलने के बाद पकड़े जाने पर कोतवाली में लगी भीड़।
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मुरसान क्षेत्र के गांव सोंगरा में ग्रामीणों ने एक भैंस मारकर उसका मीट कार और बाइक पर लादकर ले जाते दो आरोपियों को पकड़ लिया। उनकी जमकर धुनाई कर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी अपनी शिकायत में गांव सोंगरा के बाबू सिंह पुत्र महावीर सिंह ने कहा है कि गुरुवार सुबह गांव के पास सादाबाद रोड पर उनकी भैंस चुग रही थी। तभी आरोपियों न उसे चोरी कर उसकी हत्या कर दी और इसके बाद उसका करीब एक क्विंटल मांस एक कार और एक बाइक पर लादकर ले जाने लगे।
गांव के लोगों को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने सुबह 11 बजे दोनों आरोपियों को मय कार, बाइक और मांस के पकड़ लिया। हंगामे पर बाबू सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सींगों को देखकर अपनी भैंस की पहचान कर ली। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी सादिक निवासी जंगलगढ़ी, अलीगढ़ और सत्यपाल निवासी मंदिर वाला मोहल्ला, सासनी को जमकर धुन दिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया।
आगरा ले जाकर बेचते थे मरी हुई भैंसों का मीट
हाथरस। ग्रामीणों के मुताबिक बीते कई महीनों से गांव में भैंसों की मौत के मामले बढ़ गए हैं। अचानक भैंस बीमार हो जाती हैं और कुछ ही देर में उनकी मौत हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी भैंसों को जहर देकर पहले उन्हें मार रहे थे और फिर मवेशी ठेकेदार से मिलकर मरी हुई भैंसों को हथिया रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक भैंसों की मौत के बाद मवेशियों के ठेकेदार को भैंस दफनाने के लिए सुपुर्द कर दी जाती थी। अभी तक ठेकेदार भैंस की चमड़ी उतारकर उसे दफनाते रहे हैं, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार भैंसों को अलीगढ़ निवासी दोनों आरोपियों को बेच दिया करते थे। वह भैंसों की चमड़ी नहीं उतारकर उनका पूरा मीट काटकर बेचने के लिए आगरा ले जाते थे। आरोपी कई दिन पहले मर चुकी भैंस का मीट भी काटकर बेच दिया करते थे। ग्रामीणों को बताया कि वह आगरा में एक फैक्ट्री को मीट की सप्लाई करते हैं। फैक्ट्री मछलियों का चारा बनाती है।