कोतवाली क्षेत्र के कासगंज रोड स्थित गांव नगला जलाल में मंगलवार की सुबह एक विवाहिता का शव पंखे पर रस्सी से लटका मिला। मृतका के भाई द्वारा दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जानकारी के अनुसार एटा के गांव शीतलपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने अपनी पुत्री गिरजा की शादी नगला जलाल निवासी युवक हृदेश कुमार पुत्र दुर्बीन सिंह से इस माह पूर्व पर्याप्त दान-दहेज देकर की थी। हृदेश गांव में नहीं रहकर दिल्ली में परचून की दुुकान करता था। काफी समय तक गिरजा देवी हृदेश के साथ दिल्ली में रहीं। पांच दिन पूर्व वो गांव वापस आई थीं। सोमवार की रात्रि में गिरजा देवी कमरे में जाकर सोई प्रात: जब सोकर नहीं उठीं तो दरवाजा खटखटाया गया। दरवाजा नहीं खुलने पर कुंदी तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया तो पाया कि गिरजा देवी का शव पंखे पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ है।
मामले को लेकर मृतका के भाई चेतन बाबू पुत्र सुुुरेंद्र सिंह ने नगला जलाल निवासी मृतका के पति हृदेश, देवर विजय, सास नेकसी देवी, श्वसुर दुर्बीन सिंह और ननद कविता के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शादी के बाद एक लाख रुपया दहेज तथा बाइक की मांग को लेकर गिरजा का मानसिक शरीरिक उत्पीड़न किया जाता था। इस बात की शिकायत गिरजा ने कई बार फोन पर की थी। सूचना पर जिला मुख्यालय से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंच गई। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए गए। शव का पंचनामा तहसीलदार योगेंद्र सिंह, सीओ आशीष प्रताप सिंह, कोतवाल मनोज शर्मा के समक्ष भरा गया।