एडीजे एफटीसी कोर्ट संख्या दो ने दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति, सास और जेठ को दस-दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जिस समय महिला की हत्या की गई, उस समय वह गर्भवती थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अनिल कुमार सिंह तोमर निवासी गढ़ी भक्ती थाना टूंडला जिला फीरोजाबाद की बहन अलका उर्फ पूजा की शादी दो दिसंबर 2010 को राहुल पुत्र निहाल सिंह निवासी गिजरौली थाना कोतवाली हाथरस से हुई थी। शादी के बाद से ससुरालीजन पूजा से दहेज में रुपये और वैगनआर कार की मांग करने लगे। उत्पीड़न की शिकायत पूजा ने अपने परिजनों से की थी।
परिजनों ने ससुरालीजनों को समझाय-बुझाया भी, लेकिन इसके बाद भी ससुरालीजन नहीं माने। अभियोजन पक्ष के अनुसार तीन अगस्त 2011 को पूजा के भाई को यह सूचना मिली कि ससुरालीजनों ने पूजा की हत्या कर दी है। जब वह आया तो उसने देखा कि पूजा के ससुरालीजनों ने उसे मारकर कमरे में बैड पर डाल दिया है।
उसने थाना कोतवाली में इस मामले मे रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के बाद विवेचनाधिकारी ने कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक द्वितीय राजेश्वरी टोलिया के न्यायालय में हुई।
दोनोें पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं।अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को यह भी बताया कि जिस समय पूजा की हत्या की गई, उस समय वह 34 माह की गर्भवती थी। कोर्ट ने पूजा के पति राहुल, सास मुन्नी देवी और जेठ चेतन को दोषी मानते हुए इन्हें दस-दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी सुनीलकांत शर्मा के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता यज्ञदत्त गौतम और दिगंबर सिंह एडवोकेट ने वादी पक्ष की ओर से पैरवी की।