हाथरस। हसायन थाना क्षेत्र में आठ साल की मासूम छात्रा से छेड़छाड़ नहीं, बल्कि दुष्कर्म हुआ था। छात्रा के चिकित्सकीय परीक्षण में इसकी पुष्टि हो गई है। थाना पुलिस ने इस मामले को छेड़छाड़ की धाराओं में दर्ज किया था। परिजनों के दुष्कर्म की शिकायत करने और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किए बिना ही पुलिस ने जल्दबाजी करते हुए हल्की धारा में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को राहत पहुंचाई।
छात्रा के माता-पिता खेतों पर मजदूरी करते हैं। पांचवी में पढ़ने वाली छात्रा स्कूल से लौटने के बाद खेत पर जा रही थी। तभी रास्ते में आरोपी युवक ने उसे रोक लिया और पास में एकांत स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने परिजनों के दुष्कर्म किए जाने के आरोप को खारिज कर बिना किसी जांच के मामले को छेड़छाड़ के आरोप में दर्ज कर लिया था। लड़की के नाबालिग होने के कारण आरोपी पर पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया था। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्ष्टि के बाद पुलिस मामले को छेड़छाड़ से दुष्कर्म में तरमीम करने की बात कह रही है। थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव का कहना है कि कई बार डॉक्टरी परीक्षण की रिपोर्ट के बाद केस में धाराएं बढ़ाई या घटाई जाती हैं। इस मामले को भी छेड़छाड़ से दुष्कर्म में तरमीम कर दिया जाएगा।