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एसपी दफ्तर पर धरना देंगे विधायक देवेंद्र

Sun, 08 May 2016 11:26 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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पत्रकार वार्ता करते विधायक देवेंद्र अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। बेटे रजत अग्रवाल पर तीन साल पहले हुए हमले के आरोप में बीते दिनों पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई व जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय के घर पुलिस की दबिश और फिर बसपा नेताओं के प्रदर्शन और हंगामे के बाद रविवार को सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल खुलकर सामने आ गए। उन्होेंने रामेश्वर की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय पर पुलिस अधिकारियों से अभद्रता करने का आरोप लगाया।
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कोतवाली में बसपाइयों के हंगामे और प्रदर्शन को कोर्ट के कार्य में दखल मानते हुए विधायक ने पुलिस-प्रशासन से बसपाइयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। विधायक ने कहा है कि वह इस मामले में दस मई को डीएम से मिलेंगे। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को दो दिन का समय दिया जाएगा। 12 मई को विधायक कार्रवाई नहीं होने पर एसपी कार्यालय पर समर्थकों के साथ धरने पर बैठ जाएंगे। 

पुलिस से पहले कैसे पहुंच गए विनोद?
अपने आवास पर पत्रकाराें से वार्ता करते हुए विधायक ने कहा कि उनके अंदर सत्ता की हनक नहीं है। वह अपनी ही सरकार में पुलिस की नाफरमानी के शिकार हैं। रामेश्वर के घर पर भारी लाव-लश्कर के साथ दी गई दबिश की सराहना करते हुए विधायक ने कहा कि दबिश सही तरह से दी गई, लेकिन इसकी सूचना पुलिस के ही लोगों ने लीक कर दी, जिससे रामेश्वर उपाध्याय को भागने का मौका मिल गया। विधायक ने कहा कि रात को रामेश्वर घर पर ही थे। उनके गैर जमानती वारंट जारी हो चुके थे। विधायक ने एसपी से रात को फोन कर रामेश्वर की गिरफ्तारी को कहा था। एसपी ने उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। रात में ही रामेश्वर उपाध्याय घर से निकल गए और पुलिस सुबह पहुंची। विधायक ने कहा कि सुबह छह बजे जब पुलिस रामेश्वर के घर पहुंची। तब वहां विनोद उपाध्याय मौजूद थे, जबकि वह कभी भी इतनी सुबह रामेश्वर के घर नहीं आते। उनकी मौजूदगी का मतलब साफ है कि दबिश के बारे में पहले ही उपाध्याय परिवार को पता चल चुका था। 
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बसपाइयों ने की है कोर्ट की अवमानना?
विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि बसपाइयों ने कोर्ट की अवमानना की है। सीओ से अभद्र भाषा में बात की है। कोतवाली में पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। यह सब पुलिस के दबिश देने के कारण किया गया। एक आम आदमी अगर ऐसा करता तो पुलिस उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करती, लेकिन इस मामले में पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया। विधायक ने कहा कि पुलिस सत्ता के नहीं, बल्कि विपक्ष के इशारे पर काम कर रही है। लेकिन पुलिस संग बसपा कार्यकर्ताओं द्वारा अभ्रदता की बात पर कुछ भी बोलने से एसपी डॉ अजयपाल बच रहे हैं। 
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पुलिस अपना काम कर रही है। न्यायालय के आदेश का हर सूरत में अनुपालन कराया जाएगा।
-डॉ. अजयपाल, एसपी हाथरस
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