हाथरस। किशोरी हत्याकांड में चंदपा पुलिस ने बड़ी चूक की है। घर से कुछ दूरी पर खेत में किशोरी का निर्वस्त्र शव मिला था। इससे उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की आशंका होने के बावजूद पुलिस ने पंचनामे में इसका जिक्र नहीं किया। इससे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने वह बेहद अहम स्लाइड नहीं बनाई, जिससे यह साफ हो सकता था कि किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं। साफ है कि इस लापरवाही का पूरा फायदा आरोपी को मिल सकता है।
चंदपा पुलिस का कहना है कि किशोरी के पिता ने जो शिकायत पुलिस को दी, उसमें दुष्कर्म होने की कोई बात शामिल नहीं की गई थी। पुलिस के इस तर्क से इतर यह भी संभव है कि पिता ने बदनामी से बचने के लिए ऐसा किया हो। पुलिस ने पिता की शिकायत पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को दरकिनार कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर किशोरी की हत्या क्यों की गई? अगर उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश नहीं हुई तो किसने और क्यों उसकी निर्मम हत्या की? लाश के पूरी तरह नगभन होने के बाद पुलिस को खुद दुष्कर्म की आशंका पर जोर देना चाहिए था। एसपी ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह तय हो सकेगा कि दुष्कर्म हुआ या नहीं, जबकि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने स्लाइड नहीं बनाकर दुष्कर्म के सवाल को सवाल ही रहने दिया।