कोतवाली क्षेत्र के गांव मानिकपुर में शनिवार रात बदमाशों ने गांव के बाहर रह रहे घुमंतू जाति के लोगों चार मकानों में डाका डाला। एक दर्जन से अधिक बदमाशों ने हथियारों के बल पर परिवारीजनों को बंधक बनाकर लूटपाट की। बदमाश लोगों से मारपीट कर जेवरात और नकदी लूट ले गए। कमरे में रखी एयरगन घटनास्थल से कुछ दूरी पर खेतों में पड़ी हुई मिलीं। देर रात पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा।
गांव मानिकपुर (जलेसर रोड ) में बाहर की ओर बसे घुमंतू जाति के लगभग एक दर्जन परिवार अपने मकान बनाकर रहते हैं। यह लोग शहरों एवं कस्बों की फुटपाथों पर जड़ी-बूटी बेचने, लुहार आदि का कार्य करते हैं। इस समय वहां चार-पांच परिवार के ही लोग हैं। शनिवार देर रात करीब एक बजे एक दर्जन बदमाशों ने वहां धावा बोला। बदमाशों ने सोते हुए रमेश, हिम्मत सिंह, हरीश, अशर्फीदेवी और अन्य परिवार के लोगों को बंधक बना लिया। तमंचों के बल पर लूटपाट शुरू कर दी।
महिलाओं एवं लड़कियों ने जो आभूषण पहन रखे थे, उनको मारपीट कर जबरन उतरवा लिया। बदमाशों ने विरोध करने पर हिम्मत सिंह और रमेश घायल हो गए। बदमाशों ने छोटी बच्चियों को भी नहीं बख्शा। उनके साथ भी मारपीट कर नाक एवं कान में आभूषण उतरवा लिए। लूटपाट करने के बाद बदमाश कमरे को बंद कर एयरगन, नगदी व अन्य सामान भी लूट ले गए।
किसी तरह से उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला और 100 नंबर पर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस एवं ग्रामीणों ने मिलकर बदमाशों को काफी तलाश किया लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भिजवाया। कोतवाल अवधेश कुमार का कहना है कि मामला लूटपाट नहीं, चोरी का है। तहरीर के आधार पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।