सदर कोतवाली पुलिस को आगरा में तैनात एक सिपाही की बोलेरो ने ढाई घंटे तक छकाया। पुलिस ने बोलेरो को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा लिया और उसमें सवार सिपाही के बेटे और अन्य युवक को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस रात को एक बजे के करीब किला स्टेशन के पास गश्त कर रही थी। तभी उसे वहां शीशों पर काली फिल्म चढ़ी हुई एक बोलेरो दिखाई दी। इस पर नंबर अंकित नहीं था और खिड़कियों पर पर्दा लगा हुआ था। कार के आगे-पीछे के शीशे पर पुलिस लिखा हुआ था। संदेह होने पर पुलिस ने जब ड्राइवर से उतरने को कहा तो उसने अचानक ही बोलेरो दौड़ा दी।
इससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने बोलेरो का पीछा शुरू कर दिया। आरोपी कार को पहले जलेसर रोड ले गए। वहां से चामड़ गेट होते हुए आगरा रोड पर मीतई तक जा पहुंचे। जब उन्हें पुलिस को चकमा देने का भरोसा हो गया। तब वह लौटे और नयागंज में एक मकान के बाहर बोलेरो खड़ी कर दी।
उधर, कोतवाल मनोज शर्मा ने सभी कोबरा मोबाइल को वायरलैस पर सूचित कर बोलेरो ढूंढने में लगा दिया। शहर के नयागंज में बोलेरो मिलने पर उसे कब्जे में ले लिया गया। एक युवक को कार से और उसके साथी को नयागंज स्थित एक मकान की तीसरी मंजिल की छत से पकड़ा गया। पुलिस आरोपियों को कोतवाली ले आई और पूछताछ शुरू कर दी गई।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी सिपाही का बेटा है और हाथरस में ही एक कॉलोनी में रहता है। वहीं, उसका साथी दूसरी कॉलोनी में रहता है। बोलेरो एक साल से ज्यादा पुरानी है, लेकिन उसने अभी तक कार का पंजीकरण नहीं कराया गया है। इससे पहले भी यही बोलेरो दो बार सीज हो चुकी है। कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है कि आरोपियों को हिरासत में लिया गया था।
कार की तलाशी में बीयर की कैन मिली है। ऐसा लगता है कि आरोपी गलत इरादे से वहां खड़े थे। कार को सीज किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध धारा 64 के तहत कार्रवाई की गई है।