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पुलिस के हत्थे चढ़ा कुख्यात अखईपुर गैंग

Sun, 15 May 2016 11:53 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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हाथरस गेट पुलिस द्वारा दबोचे गए गैंग के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हाथरस और आसपास जिलों में लूट, हत्या, जमीनों पर कब्जा करने की घटनाओं के लिए कुख्यात अखईपुर गैंग के दस सदस्याें को पुलिस ने अलग-अलग तीन मुठभेड़ों के बाद दबोच लिया है। छह मई को चक्की बाजार में आगरा के कपड़ा व्यापारी से लूट की कोशिश और फायरिंग की जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस सुराग हाथ लगने पर इस गैंग तक पहुंची। कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गैंग के सरगना अविनाश ठाकुर और उसके तीन साथियों को दबोच लिया। गैंग का दूसरा सरगना हिस्ट्रीशीटर कन्हैया फरार होने में कामयाब रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से गैंग के सदस्यों में खलबली मच गई और उन्होंने अपने ठिकाने छोड़ दिए। हाथरस गेट पुलिस ने बिना देर किए इगलास बाईपास और हतीसा बाईपास पर मुठभेड़ के बाद शहर से भाग रहे गैंग के छह सदस्यों को दबोच लिया। यह गैंग हाथरस और आसपास जिलों में हत्या, लूट और जमीनों पर कब्जा करने के मामले में कुख्यात रहा है। 
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शहर कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि चक्की बाजार में आगरा के व्यापारी की कोशिश अखईपुर गैंग ने ही की थी। यह शहर में कई लूट करा चुका है। कोतवाली पुलिस ने अखईपुर के अविनाश ठाकुर पुत्र प्रताप सिंह, उसके साथ गणेश उर्फ भोला, प्रशंात शर्मा निवासी मेंडू रोड और अभय अग्रवाल निवासी त्रिवेणी नगर को चक्की बाजार में लूट की कोशिश और फायरिंग के आरोप में दबोचा है। वहीं हाथरस गेट पुलिस ने इगलास बाईपास पर मुठभेड़ के बाद चार सदस्यों को दबोच लिया। इनमें अविनाश ठाकुर के मामा के लड़के और गैंग के प्रमुख सदस्यों में से एक सनी प्रताप पुत्र रहीस पाल निवासी सासनी, कृष्ण कुमार पुत्र विजयरती सिंह निवासी अखईपुर, संजय गौड़ पुत्र लक्ष्मीनारायण निवासी घंटाघर हाथरस, संजय पुत्र बाबू सिंह निवासी मई थाना हरदुआगंज, अलीगढ़ शामिल हैं। इनमें से कृष्ण कुमार पर 1996 में राजेश टोंटा के भाई दिलीप की हत्या करने का आरोप है। एसपी ने बताया कि हरदुआगंज निवासी संजय पर बच्चों के अपहरण के तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस को इनके कब्जे से दो कंट्री मेड पिस्टल, दो छुरी, 580 ग्राम नशीला पाउडर, एक बाइक पल्सर बिना नंबर, एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी झुमकी मिली है। आरोपियों ने 27 फरवरी को सादाबाद में बैजनाथ मंदिर के पास मकान में हुई लूट और दस अप्रैल को सादाबाद क्षेत्र में मुरसान रोड पर एक बाइक की लूट भी स्वीकार की है। 
एसपी के मुताबिक कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने हतीसा बाईपास पर भी मुठभेड़ के बाद गैंग के दो सदस्याें अमन प्रताप पुत्र अनिल कुमार निवासी अखईपुर और संजीव कुमार पुत्र वीरेंद्र उपाध्याय निवासी किला गेट को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने एक देसी बंदूक, तीन कारतूस, एक पोनिया बरामद किया है। टीम में एसआई हरिओम शर्मा, अजय कुमार, सिपाही सुधीर कुमार, दिनेश कुमार आदि शामिल रहे। 
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सट्टे में हारने पर व्यापारी के बेटे ने रची थी साजिश 
हाथरस। एसपी डॉ.अजयपाल ने बताया कि चक्की बाजार में छह मई की शाम को आगरा के नेहरू नगर निवासी व्यापारी राकेश अग्रवाल पुत्र बालकृष्ण अग्रवाल पर जानलेवा हमले और उनसे लूट की साजिश हाथरस के ही एक कपड़ा व्यापारी के बेटे ने रची थी। 
पंजाबी मार्केट में कपड़े की दुकान करने वाले त्रिवेणी नगर निवासी राजेंद्र अग्रवाल के बेटे अभय अग्रवाल टी-20 की सट्टेबाजी में दो लाख रुपये की रकम हार गया था। वह अखईपुर गैंग के सदस्यों के संपर्क में पहले से था। राकेश अग्रवाल उनकी दुकान पर भी कपड़े के कारोबार के सिलसिले में आते रहते थे। अभय को मालूम था कि राकेश यहां व्यापारियों से कपड़ों का पेमेंट लेने आते हैं, जो लाखों रुपये में होता है। यह बात उसने गैंग के सदस्य गणेश उर्फ भोला पुत्र मुनेशपाल सिंह निवासी अखईपुर को बताई। साजिश रचने के बाद घटना के दिन छह मई को गणेश बाइक पर गैंग के सरगना हिस्ट्रीशीटर कन्हैया पुत्र बनवारी निवासी अखईपुर और हाल निवासी सासनी को लेकर चक्की बाजार पहुंचा। हमलावरों की बाइक को कवर देने के लिए उनके पीछे एक दूसरी बाइक पर अविनाश पुत्र प्रताप सिंह निवासी अखईपुर और प्रशांत पुत्र राजवीर शर्मा निवासी शिवशक्ति नगर मेंडू रोड आ रहे थे। लूट की कोशिश में विफल रहने पर सभी भाग निकले। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद कोटा रोड से अविनाश, गणेश और प्रशांत को दबोच लिया। अभय अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया गया है। अविनाश के पास से 700 ग्राम नशीला पाउडर भी मिला है। इसके अलावा पुलिस ने 315 बोर की तीन कंट्री मेड पिस्टल और एक बाइक भी आरोपियाें से बरामद की है। मुठभेड़ के दौरान गैंग का मुखिया कन्हैया भाग जाने में कामयाब रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पकड़े गए सभी आरोपियों को रविवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। 


एक व्यापारी के अपहरण, दो से लूट की थी योजना
हाथरस। अखईपुर गैंग के पकड़ में आने के बाद सबसे ज्यादा राहत व्यापारियों को मिली है। एसपी के मुताबिक गैंग के सदस्यों ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि उन्होंने कोतवाली क्षेत्र के दो सराफा कारोबारियों से बड़ी लूट की योजना बनाई थी। इसके अलावा एक कपड़ा व्यापारी के अपहरण की भी तैयारी थी। पुलिस अगर उन्हें नहीं दबोचती तो शहर में व्यापारियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती थीं। एसपी ने कहा कि वह सराफा कारोबारियों के साथ मिलकर सराफा बाजार और आसपास चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाएंगे। यह सब व्यापारियों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा, ताकि लूट होने पर अपराधी पकड़ में आ सकें। 


पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम
व्यापारी पर हमले का खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। इसमें शहर कोतवाल मनोज कुमार शर्मा, हाथरस गेट थानाध्यक्ष केपी सिंह, एसओजी प्रभारी यूनिस सिद्दीकी, एसएसआई अवधेश कुमार, सिपाही रामवीर सिंह, राजेश कुमार, प्रदीप, पंकज, जितेंद्र कुमार, वीरेश, प्रेमनाथ, गिरीशचंद्र, नागेंद्र यादव, संदीप राघव, उपेंद्र सिंह आदि शामिल हैं। 


सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया पूरा गैंग
चक्की बाजार में आगरा के कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमले और लूट की कोशिश के मामले में पुलिस की पड़ताल रंग लाई। जिस जगह व्यापारी पर हमला हुआ था, वहां सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। पुलिस ने घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज के सहारे पहले तो नकाबपोश हमलावरों की बाइक का नंबर पता किया और फिर जिन शातिरों पर शक था, उनके फोन सर्विलांस पर लगाए गए। इसी बीच प्रशांत ने अपने एक मित्र को बताया कि उसने एक घटना को अंजाम दे दिया है। इससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया। इसके बाद पुलिस पूरे गैंग तक पहुंच गई। 


दूसरा टोंटा बनना चाह रहा था अविनाश 
एसपी अजयपाल ने बताया कि सदर कोतवाली, हाथरस गेट पुलिस और एसओजी की मिलीजुली कसरत का नतीजा यह रहा कि गैंग का सरगना अविनाश ठाकुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अविनाश अलीगढ़ में बसपा नेता धर्मेंद्र चौधरी की हत्या में भी शामिल रहा है। अविनाश मडराक में डबल मर्डर, हाथरस में चंदपा में एक वकील के भाई पर जानलेवा हमले, हाथरस गेट थाना क्षेत्र में जानलेवा हमला करने और लूट की कई वारदातों में भी आरोपी रहा है। सदर क ोतवाली में हुई प्रेसवार्ता में एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि अविनाश ठाकुर शहर में राजेश टोंटा बनना चाह रहा था। चौथ वसूली के लिए व्यापारियों को धमकाना, जमीनों पर कब्जा कर उन्हें विवादित बनाकर वसूली करना, लूट कराना, हत्या की सुपारी लेना ही उसका पेशा बन गया था। 


हाल ही में हुई लूट में हो सकता है हाथ
हाथरस। चक्की बाजार में लूट की कोशिश के दौरान कन्हैया ने हेलमेट लगा रखा था। पुराने शातिर बदमाश की एक आंख खराब है। पहचाने जाने के डर से उसने हेलमेट लगा रखा था। एसपी डॉ. अजयपाल के मुताबिक सासनी में हाल ही में फौजी दंपति से हुई लूट और बीते दिनों खुटीपुरी में हुई लूट में भी अखईपुर गैंग का हाथ हो सकता है, क्योंकि दोनों ही घटनाओं में बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति ने हेलमेट लगा रखा था। पुलिस को शक है कि यह अखईपुर गैंग का सरगना कन्हैया हो सकता है। 

प्रशांत का तबाह हो गया करियर
एसपी ने बताया कि आरोपियों में से एक प्रशांत शर्मा के पिता राजवीर शर्मा अक्रूर इंटर कॉलेज में लेक्चरर थे। बीते समय में उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। मृतक आश्रित में प्रशांत को नौकरी मिलने ही वाली थी। अखईपुर गैंग के साथ पकड़े जाने पर उसका करियर चौपट हो गया। 


हमने अखईपुर गैंग के ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को दबोचने में कामयाबी पाई है। अविनाश ठाकुर पकड़ा गया है, जो राजेश टोंटा के नक्शे कदम पर चल रहा था। अभी कन्हैया, इंदरपाल जैसे कुछ शातिर फरार हैं। उन्हें भी जल्द दबोच लिया जाएगा। इन लोगों के पकड़ में आने के बाद हाथरस और आसपास जिलों में हत्या, लूट आदि की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। 
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-- डॉ. अजयपाल शर्मा, एसपी--
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